गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अश्लील डांस कार्यक्रम की अनुमति देना और स्वयं मंच के सामने बैठकर अर्धनग्न महिला डांसरों पर नोट उड़ाते हुए वीडियो बनाना मैनपुर के एसडीएम को भारी पड़ गया। रायपुर संभाग के आयुक्त महादेव कांवरे ने मैनपुर एसडीएम तुलसीदास मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर गरियाबंद के प्रतिवेदन और कारण बताओ नोटिस के असंतोषजनक जवाब के बाद की गई है।
मामला गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम उरमाल का है, जहां एक युवा समिति द्वारा छह दिवसीय आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। आयोजकों ने 29 दिसंबर को इस कार्यक्रम के लिए एसडीएम मैनपुर से अनुमति प्राप्त की थी। कार्यक्रम के अंतिम तीन दिन 8, 9 और 10 जनवरी को डांस कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उड़ीसा के कटक से जय दुर्गा ओपेरा इवेंट्स की महिला डांसरों को बुलाया गया था। कार्यक्रम का प्रचार बड़े पैमाने पर किया गया और एक युवती द्वारा खुद को “उड़ीसा की सनी लियोनी” बताकर वीडियो बनाकर लोगों को आमंत्रित किया गया।
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8 जनवरी से ही डांस कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। 9 जनवरी की रात एसडीएम तुलसीदास मरकाम कार्यक्रम में बतौर अतिथि पहुंचे। आयोजकों द्वारा उनके लिए मंच के सामने विशेष सीट आरक्षित की गई थी। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा गया कि देर रात तक चले कार्यक्रम में महिला डांसर अर्धनग्न और अश्लील वेशभूषा में नृत्य कर रही थीं। इस दौरान एसडीएम न केवल मंच के सामने बैठकर वीडियो बनाते नजर आए, बल्कि डांसरों पर नोट उड़ाते हुए भी दिखाई दिए। कार्यक्रम में अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी भी सामने आई। कार्यक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आया। वीडियो में कई लोग डांसरों पर पैसे उड़ाते, उन्हें पास बुलाकर अश्लील हरकतें करते नजर आए। इसी क्रम में देवभोग थाने के आरक्षक जय कुमार कंसारी और शुभम चौहान का वीडियो भी सामने आया, जिसमें वे महिला डांसरों के साथ आपत्तिजनक हरकत करते दिखे। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने दोनों आरक्षकों सहित एक अन्य पुलिसकर्मी को भी निलंबित कर दिया।
वहीं, कार्यक्रम के आयोजकों और अश्लीलता फैलाने वाले कुल 14 लोगों के खिलाफ देवभोग थाने में एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। उड़ीसा से आई एक महिला डांसर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके साथ ही एसडीएम की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे। कलेक्टर गरियाबंद ने पहले एसडीएम तुलसीदास मरकाम को पद से हटाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस के जवाब को असंतोषजनक पाए जाने पर कलेक्टर ने निलंबन का प्रस्ताव संभाग आयुक्त को भेजा। रायपुर संभाग आयुक्त द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि एसडीएम तुलसीदास मरकाम ने सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया। आदेश में उल्लेख है कि 5 से 10 जनवरी 2026 तक आयोजित तथाकथित ‘ओपेरा’ कार्यक्रम में खुले तौर पर अश्लील नृत्य प्रस्तुत किया गया और एसडीएम स्वयं 9 जनवरी की रात कार्यक्रम में उपस्थित रहे। वीडियो और समाचार पत्रों में प्रकाशित छायाचित्रों से यह स्पष्ट है कि उनके सामने अशोभनीय गतिविधियां होती रहीं, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम रोकने या किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की।
अपर कलेक्टर गरियाबंद द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में यह भी सामने आया कि कार्यक्रम की अनुमति उसी दिन जारी की गई, जो नियमों के अनुसार विधिसम्मत नहीं थी। आयुक्त ने अपने आदेश में कहा कि एसडीएम का यह आचरण कर्तव्यपरायणता, निष्पक्षता और शासकीय मर्यादा के विपरीत है तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन करता है। इन्हीं आधारों पर तुलसीदास मरकाम (रा.प्र.से.) डिप्टी कलेक्टर को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला कार्यालय बलौदाबाजार-भाटापारा निर्धारित किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।








