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पदोन्नति के लिए एसीआर की ग्रेडिंग और पांच साल का रिकॉर्ड बेहतर होना जरुरी

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बिलासपुर। अधिकारी,कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। डिवीजन बेंच ने कहा कि DPC को संबंधित कर्मियों के काम की योग्यता और एसीआर में लिखी बातों की जांच करने का पूरा अधिकार है। एसीआर ग्रेडिंग के आधार पर डीपीसी न्यूनतम मापदंड तय कर सकती है। डीपीसी ने प्रमोशन के लिए संबंधित कर्मचारी के कामकाज का पांच साल का रिकॉर्ड बेहतर होने की शर्त रख दी है। डिवीजन बेंच ने डीपीसी के इस निर्णय को सही ठहराया है।

प्रमोशन को लेकर दायर याचिका पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस पीपी साहू की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। डिवीजन बेंच ने कहा, वरिष्ठता के साथ ही कर्मचारियों के काम की योग्यता और एसीआर में लिखी बातों और दी गई ग्रेडिंग के आधार पर न्यूनतम बेंचमार्क तय करने का अधिकारी डीपीसी को है।

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पदोन्नति से वंचित कर जूनियर को प्रमोश देने विभाग के आदेश को चुनौती देते हुए उद्यानिकी विभाग में पदस्थ स्कम सिंह तोमर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने बताया कि उसके खिलाफ ना तो कोई विभागीय जांच हो रही है और ना ही गंभीर शिकायत है। इसके बाद भी उसकी वरिष्ठता को दरकिनार करते हुए जूनियर को पदोन्नति दे दी गई है। राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के लॉ अफसरों ने कहा, डीपीसी के दौरान कमेटी ने बीते पांच साल के कर्मचारियों के काम के रिकॉर्ड और एसीआर में दी गई ग्रेडिंग के आधार पर प्रमोशन के लिए न्यूनतम मानक तय किया गया है। याचिकाकर्ता डीपीसी के मापदंड पर खरा नहीं उतर पाया है। याचिकाकर्ता से जूनियर कर्मचारी की एसीआर में अच्छी ग्रेडिंग और काम के मापदंड बेहतर रहा है। लिहाजा उनको पदोन्नति की सिफारिश की गई है। इसके पूर्व इस याचिका पर सिंगल बेंच में सुनवाई हुई थी।

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दोनों फैसले में विरोधाभास की स्थिति बन गई थी। एक बेंच ने वरिष्ठता को सही ठहराया था। जबिक दूसरे बेंच ने प्रमोशन के लिए डीपीसी को मापदंड तय करने के अधिकार को सही ठहराया था। फैसलों में विरोधाभास की स्थिति को देखते हुए डिवीजन बेंच में मामला भेजा गया था। डिवीजन बेंच ने पदोन्नति समिति के अधिकार का व्याख्या करते हुए इसे सही ठहराया है। डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि एसीआर की ग्रेडिंग और कर्मचारियों के कामकाज की आंकलन करने का पूरा अधिकार डीपीसी को है। डीपीसी के उस मापदंड को भी डिवीजन बेंच ने सही ठहराया है जिसमें डीपीसी ने प्रमोशन के लिए बीते पांच साल के दौरान संबंधित कर्मचारी का कामकाज का रिकॉर्ड को बेहतर होने की शर्त तय कर दी है।


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