रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2018 की टॉपर और वित्त विभाग की अधिकारी अनिता सोनी का शनिवार देर रात निधन हो गया। वे पीलिया से पीड़ित थीं और इलाज के लिए हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं। लंबे इलाज के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण रात करीब दो बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

अनिता सोनी राज्य सरकार की ओर से इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फाइनेंस मैनेजमेंट, फरीदाबाद में वित्तीय प्रबंधन, अनुसंधान और परामर्श में विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजी गई थीं। प्रशिक्षण के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। पीलिया की जटिलताओं के बाद उन्हें फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे करीब 50 दिनों तक आईसीयू में रहीं। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
प्रशासनिक जगत में शोक की लहर
अनिता सोनी के निधन की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में शोक की लहर दौड़ गई। उनके बैचमेट अधिकारियों, सहकर्मियों और वरिष्ठ अफसरों ने सोशल मीडिया और विभिन्न व्हाट्सएप समूहों के जरिए गहरी संवेदना व्यक्त की। कई अधिकारियों ने उन्हें एक होनहार, कर्मठ और अनुशासित अफसर बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानी
अनिता सोनी एक मध्यमवर्गीय परिवार से थीं और उनकी सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा रही है। वे रायपुर के मोवा क्षेत्र की निवासी थीं। उनके पिता सुरेश सोनी और माता शांति सोनी हैं। पीएससी में चयन से पहले अनिता छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। नौकरी के साथ-साथ कठिन परिश्रम और अनुशासन के बल पर उन्होंने CGPSC 2018 में पहला स्थान हासिल किया। पीएससी में टॉप करने के बाद उनका चयन डिप्टी कलेक्टर पद के लिए हुआ। प्रशिक्षण और विभाग आवंटन की प्रक्रिया के बाद उन्हें वित्त संवर्ग में जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां उन्होंने कम समय में अपनी कार्यकुशलता से अलग पहचान बनाई।








