CG News: सरगुजा । कुसमी में एसडीएम और उनके साथियों पर आदिवासी किसान की पिटाई से मौत का आरोप लगने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में आज कुसमी बंद का आह्वान किया गया है। बंद को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
घटना के बाद बढ़ा आक्रोश
बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में कुसमी के एसडीएम और तीन अन्य लोगों पर तीन किसानों के साथ मारपीट का आरोप है। इस घटना में एक आदिवासी किसान की इलाज के दौरान कुसमी अस्पताल में मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल बताए जा रहे हैं। मृतक का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। घटना कोरंधा थाना क्षेत्र की है। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बीते दिन ग्रामीणों ने लगभग चार घंटे तक चक्काजाम कर विरोध जताया था।
हत्या का केस दर्ज, चार आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल का निरीक्षण, पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। कुसमी के एसडीएम करुण डहरिया, विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह (पूर्व BJYM अध्यक्ष, कुसमी), मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
अवैध खनन से जुड़ा बताया जा रहा विवाद
जानकारी के अनुसार हंसपुर में देर रात ग्रामीणों ने कथित तौर पर बक्साइट के अवैध उत्खनन में लगी एक गाड़ी को पकड़ा था। सूचना मिलने पर एसडीएम स्थानीय युवकों के साथ मौके पर पहुंचे थे। घायलों का कहना है कि वे खेत में सिंचाई कर लौट रहे थे, तभी उन्हें रोका गया और उनके साथ मारपीट की गई।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में “जंगलराज” जैसी स्थिति है और जिन अधिकारियों का काम अवैध उत्खनन रोकना है, वही आम जनता पर अत्याचार कर रहे हैं।
सरकार और प्रशासन का बयान
बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और मामले की जांच जारी है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी बयान जारी कर कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








