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रिटायर्ड आईएएस आलोक शुक्ला के घर ED की रेड: छग के 10 जिलों में चल रही छापेमारी

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भिलाई। 140 करोड के नान कस्टम मिलिंग घोटाले में ED ने रिटायर्ड आईएएस अफसर आलोक शुक्ला के भिलाई स्थित दो निवास पर एकसाथ छापामार कार्रवाई की है। आलोक शुक्ला के घरों के अलावा छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में नान घोटाले को लेकर ईडी की छापामार कार्रवाई चल रही है। आज सुबह छह बजे के करीब ईडी की टीम रिटायर्ड आईएएस अपुसर आलोक शुक्ला के भिलाई हुडको और तालपुरी निवास में एकसाथ दबिश दी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में ईडी की कार्रवाई चल रही है।

जानकारी मिली है कि रिटायर्ड आईएएस अफसर के घर छापेमारी के दौरान ईडी को मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इसमें डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। ईडी की कार्रवाई और छापेमारी के दौरान मिले महत्वपूर्ण दस्तावेजों के बाद इस बात की भी चर्चा हो रही है कि करोड़ों के नान घोटाले में और गिरफ्तारियां हो सकती है। नान घोटाले में संलिप्तता के चलते EOW ने रिटायर्ड आईएएस अफसर अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया था। टुटेजा और ढेबर से पूछताछ के दौरान पूछताछ में कई अधिकारियों और मिलर्स की मिलीभगत के अहम सुराग मिले हैं। अहम इनपुट के आधार पर ही रिटायर्ड आईएएस आलोक शुक्ला के भिलाई स्थित निवास में ईडी की छापेमारी चल रही है।

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कागजों में कर दिया धान का परिवहन, वाहनों के नंबर भी चौंकाने वाले
कस्टम मिलिंग के तहत धान के परिवहन में मिलरों से मिलकर अफसरों ने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया है। महालेखाकार के रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। जांच में यह बात भी सामने आई थी धान परिवहन के एवज में जिन वाहनों के जरिए लाखों का बिल निकाला गया, जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई थी। एंबुलेंस से लेकर दोपहिया वाहनों के नंबर के जरिए भी धान परिवहन करना बताकर लाखों रुपये का चेक जारी करा लिया। इस काम में मिलर्स और अफसरों के गठजोड़ भी सामने आया है। मिलर्स और अफसरों ने मिलकर 140 करोड़ का वारा-न्यारा किया है।

मार्कफेड के पूर्व एमडी सोनी व चंद्राकर ने खोले कई राज
जांच एजेंसी ने मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी और मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ के बाद करोड़ों रुपए के लेन-देन की परतें खुलीं। ED को अब इस पूरे घोटाले में कई बड़े अधिकारियों और मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले हैं। यही वजह है कि भिलाई के अलावा राज्य के 10 जिलों में एक साथ छापे की कार्रवाई की जा रही है।

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हाई कोर्ट में मामला लंबित
नान घोटाले की जांच को लेकर बिलासपुर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका पर सुनवाई लंबित है। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद से ही हाई कोर्ट में याचिका दायर करने का सिलसिला चल पड़ा था। सभी याचिकाओं को एकसाथ मर्ज कर सुनवाई का निर्णय हाई कोर्ट ने लिया है।


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