बिलासपुर। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बुधवार को मंथन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान एक ऐसा वाकया हुआ जिसने पूरे सभागार में हड़कंप मचा दिया। मंत्री द्वारा कोटा के बीईओ नरेंद्रनाथ मिश्रा से स्कूलों की स्थिति और निरीक्षण पर सवाल पूछते ही उनका जवाब लड़खड़ाने लगा। बताया गया कि बीईओ ने पहले गलत जानकारी दी, जिस पर मंत्री ने नाराज़ होकर कहा—“इसे तुरंत सस्पेंड करो”। बस इतना सुनते ही बीईओ के चेहरे से रंग उड़ गया, पसीना बहने लगा और अचानक वे कुर्सी से नीचे गिर पड़े। कुछ पल के लिए पूरा हॉल सन्न रह गया। अधिकारियों ने तुरंत उन्हें बाहर ले जाकर पानी पिलाया और प्राथमिक सहायता दी।
मंत्री यादव ने बैठक में स्पष्ट कहा कि राज्य में शिक्षक और संसाधनों की कमी नहीं है, कमी है तो सिर्फ़ ईमानदार, समर्पित और अपने स्कूल को बेहतर बनाने की इच्छा रखने वाले शिक्षकों की। उन्होंने चेतावनी दी कि जो शिक्षक लापरवाही करेंगे, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी और कार्रवाई से कोई बच नहीं सकेगा। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, समग्र शिक्षा की एमडी डॉ. प्रियंका शुक्ला, डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी सहित संभाग के सभी आठ जिलों के डीईओ, डीएमसी, बीईओ और बीआरसी अधिकारी उपस्थित थे।
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तीन वर्षीय समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश
मंत्री यादव ने सभी जिलों को अगले तीन वर्षों के लिए एक मजबूत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
फोकस रहे
• स्कूल भवन और बुनियादी ढांचे का विकास
• बेहतर शैक्षणिक माहौल
• गुणवत्तापूर्ण शिक्षण
उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य
मंत्री ने कहा कि समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाए। उन्होंने डीईओ, बीईओ और बीआरसी अधिकारियों को कड़ाई से निर्देश दिए कि
• नियमित स्कूल निरीक्षण करें
• दौरा चार्ट तैयार कर उसका पालन सुनिश्चित करें
इसका उद्देश्य है कि स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता में सुधार हो।
शैक्षणिक परिणाम सुधार हेतु लक्ष्य तय
मंत्री ने अगले बोर्ड परीक्षा परिणामों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए
• कक्षा 10वीं : 85% परिणाम
• कक्षा 12वीं : 90% परिणाम
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पास कराना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उच्च श्रेणी में उत्तीर्ण करवाना है।
इस हेतु जिलों को निर्देश दिए गये
• मासिक परीक्षाओं की सतत निगरानी
• ब्लूप्रिंट आधारित पढ़ाई
• गुणवत्तापूर्ण अध्यापन
• कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं
बेसिक लर्निंग पर जोर, हिंदी, गणित, अंग्रेजी कौशल सुधारें
मंत्री यादव ने कक्षा 3 से 5 तक बच्चों के धाराप्रवाह हिंदी पढ़ने की क्षमता बढ़ाने और माध्यमिक स्तर पर बेसिक गणित व अंग्रेजी पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया
• छात्रों की आधार-ID (APAR ID) बनवाने का कार्य तुरंत पूरा हो
• U-DISE डेटा समय पर अपडेट किया जाए
बिलासपुर और सक्ति जिले में अपार आईडी अपडेट में धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराज़गी जताई और एक सप्ताह में सुधार का निर्देश दिया।
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सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित स्वत्व, तुरंत भुगतान करें
मंत्री ने स्पष्ट आदेश दिया कि सेवानिवृत्ति के दिन ही
• सेवा पुस्तिका
• पासबुक
• स्वत्व देयक का भुगतान पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि रिटायर शिक्षकों को परेशान करने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाए।
पंचायतों को दें स्कूल मरम्मत का काम
उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण-सुधार, पोताई, बिजली-पानी जैसे छोटे काम ग्राम पंचायतों से करवाए जाएं।
इससे
• काम जल्दी होता है
• समुदाय की भागीदारी बढ़ती है
• समस्याएँ स्वतः कम होती हैं
उन्होंने 31 जनवरी तक सभी शौचालय से जुड़े कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।








