Civil India News App Download
📢 Advertise With Us

भारतमाला प्रोजेक्ट जमीन अधिग्रहण घोटाला: छत्तीसगढ़ में ED का बड़ा रेड, हरमीत खनूजा के रायपुर निवास और कारोबारी जसबीर बग्गा के महासमुंद घर में छापेमारी

Share on

रायपुर। भारत मामला प्रोजेक्ट भूमि अधिग्रहण घोटाले में ED ने छत्तीसगढ़ में एक बार फिर दबिश दी है। दो घोटालेबाजों के 9 ठिकानों पर छापेमारी की है। रायपुर में हरमीत सिंह खनूजा के निवासी में ED की टीम ने दबिश दी। महासमुंद में मेघ बसंत इलाके में स्थित व्यवसायी जसबीर सिंह बग्गा के निवास पर छापेमारी चल रही है। दोनों ठिकानों पर सुबह 6 बजे से ईडी की टीम कार्रवाई कर रही है। भारत माला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान को लेकर अनियमितताओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय ED कर रही है।

कड़ी सुरक्षा के बीच सभी ठिकानों पर दस्तावेजों की पड़ताल के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की जा रही है। यह पूरा मामला आर्थिक काॅरीडोर निर्माण के लिए निजी भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा राशि के निर्धारण और भुगतान में गड़बड़ियों से जुड़ा है। जांच के दायरे में कुछ निजी व्यक्तियों, उनके सहयोगियों, सरकारी अधिकारियों और जमीन मालिकों के ठिकाने शामिल किए गए हैं। बताया जा रहा है कि मुआवजा वितरण में नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध लेन-देन को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

📢
Advertise With Us
Reach thousands of readers with Civil India News
Get Started →

Also Read – शिक्षण संचालनालय ने शिक्षकों का पदोन्नति आदेश जारी कर दिया है

कौन हैं हरमीत सिंह खनूजा

हरमीत सिंह खनूजा छत्तीसगढ़ के रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर से जुड़े भूमि क्षतिपूर्ति भुगतान घोटाले में नामजद एक भूमि दलाल / एजेंट हैं। आरोप है कि उन्होंने भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को फर्जी तरीके से हासिल करने, बंटवाने में मदद की, जिससे सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। कागजों में फर्जी दस्तावेज, नकली बंटवारे और म्यूटेशन (बदलाव) कर के मुआवजा प्राप्त किया और पैसा अलग खातों में ट्रांसफर किया। 25 अप्रैल 2025 को आर्थिक अपराध शाखा EOW ने उनके खिलाफ छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई की।

📢
Advertise With Us
Reach thousands of readers with Civil India News
Get Started →

ऐसे दिया घोटाले को अंजाम

भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से ज्यादा राशि की गड़बड़ी का आरोप है।

Also Read – लुटेरे ने व्यापारी के सिर पर बांस के डंडे से जानलेवा हमला किया, रुपये भरा बैग लेकर भाग खड़ा हुआ

टुकड़ों में बांटा जमीन को, 80 नए नाम चढ़ाए

राजस्व विभाग के मुताबिक, मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफिया ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया। मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिए गए। इससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया है।

ये है भारत माला परियोजना

भारत माला परियोजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना है, जिसके तहत करीब 26 हजार किलोमीटर आर्थिक कॉरिडोर विकसित किए जाने हैं। यह कॉरिडोर गोल्डन क्वाड्रिलेटरल, नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जुड़ेंगे। देश के अधिकांश फ्रेट ट्रैफिक को इन्हीं मार्गों से ले जाने की योजना है। रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर इसी परियोजना का अहम हिस्सा है।


Share on
Civil India News App Download
Also Read
Loading latest news...
```

About Civil India News

© 2026 Civil India. All Rights Reserved. Unauthorized copying or reproduction is strictly prohibited
error: Content is protected by civil India news, Civil India has all rights to take legal actions !!