CBSE ने स्कूलों को दिए तीन बड़े निर्देश, पढ़िये क्या है सीबीएसई का गाइड लाइन

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नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने अपने से संबद्ध सभी स्कूलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूलों को तीन बड़े निर्देशों का पालन अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अब प्रत्येक CBSE स्कूल को अपनी आधिकारिक वेबसाइट बनानी होगी, जिस पर शिक्षकों से जुड़ी पूरी जानकारी, स्कूल की फीस, आधारभूत संरचना और अन्य आवश्यक विवरण सार्वजनिक करना होगा। साथ ही स्कूलों को अपनी वार्षिक रिपोर्ट भी तय समयसीमा के भीतर अपलोड करनी होगी।

CBSE ने स्पष्ट किया है कि संबद्धता उपनियमों के तहत प्रत्येक स्कूल के लिए वेबसाइट होना अनिवार्य है। इस वेबसाइट पर स्कूल की संबद्धता की स्थिति, इंफ्रास्ट्रक्चर, कक्षाओं की संख्या, विद्यार्थियों की कुल संख्या, संपर्क विवरण, परीक्षा शुल्क, ट्रांसफर सर्टिफिकेट से संबंधित जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण अपलोड किए जाएंगे। बोर्ड का कहना है कि इससे अभिभावकों को स्कूलों के बारे में सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिल सकेगी और स्कूलों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

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शिक्षकों की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य

CBSE ने अपने निर्देशों में यह भी साफ किया है कि स्कूलों को अपने सभी शिक्षकों का पूरा विवरण वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इसमें शिक्षक का पूरा नाम, शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण, अनुभव और उससे संबंधित प्रमाणित दस्तावेज शामिल होंगे। यह जानकारी बोर्ड द्वारा तय किए गए निर्धारित प्रारूप में ही उपलब्ध करानी होगी। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि यह विवरण केवल अपलोड करना ही नहीं, बल्कि समय-समय पर अपडेट करना भी स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी। बोर्ड का मानना है कि शिक्षकों की योग्यता और अनुभव से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होने से शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर भरोसा बढ़ेगा और अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य से जुड़े निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

15 सितंबर तक वार्षिक रिपोर्ट अपलोड करना होगा

CBSE ने सभी संबद्ध स्कूलों को यह भी निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष की वार्षिक रिपोर्ट तैयार कर 15 सितंबर तक अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें। इस वार्षिक रिपोर्ट में स्कूल का शैक्षणिक कैलेंडर, शैक्षणिक उपलब्धियां, नवाचार, पर्यावरण शिक्षा से जुड़े प्रयास, पीटीए (Parent Teacher Association) की गतिविधियां और स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख अनिवार्य होगा।

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इसके अलावा बोर्ड ने शिक्षक-छात्र अनुपात को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। CBSE के अनुसार, किसी भी स्कूल में शिक्षक-छात्र अनुपात 30:1 से अधिक नहीं होना चाहिए। प्रत्येक सेक्शन के लिए न्यूनतम 1.5 शिक्षक अनिवार्य होंगे। हालांकि, इस गणना में प्रधानाचार्य, शारीरिक शिक्षा शिक्षक और काउंसलर को शामिल नहीं किया जाएगा।

नियम न मानने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

CBSE ने चेतावनी दी है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कई स्कूल अपनी वेबसाइट पर या तो जानकारी अपडेट नहीं कर रहे हैं या अधूरी और गलत जानकारी अपलोड कर रहे हैं। बोर्ड ने साफ कहा है कि इन दिशा-निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ संबद्धता उपनियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।


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