रायपुर। प्रदेश के शासकीय और मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा पहली से 11वीं तक की वार्षिक परीक्षाएं 25 मार्च 2026 से शुरू होंगी। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को परीक्षा संचालन को लेकर स्पष्ट और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। परीक्षाएं 10 अप्रैल 2026 तक पूरी कराई जाएंगी।
किन कक्षाओं के लिए लागू होंगे निर्देश
DPI द्वारा जारी गाइडलाइन कक्षा 1ली, 2री, 3री, 4थी, 6वीं, 7वीं, 9वीं एवं 11वीं के लिए लागू होगी। यह व्यवस्था शासकीय विद्यालयों, अनुदान प्राप्त विद्यालयों, अशासकीय विद्यालयों और स्वामी आत्मानंद स्कूलों में प्रभावी रहेगी। हालांकि CBSE, ICSE और भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध गैर-अनुदान प्राप्त स्कूल इस प्रक्रिया से बाहर रहेंगे।
परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी और समितियों का गठन
वार्षिक परीक्षा के सफल संचालन की पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की होगी। इसके लिए 5 फरवरी 2026 तक जिला स्तरीय संचालन समिति, प्रश्न पत्र निर्माण समिति, मॉडरेशन समिति का गठन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
पाठ्यक्रम, प्रोजेक्ट और परीक्षा पूर्व तैयारी
- सभी विषयों का पाठ्यक्रम 28 फरवरी 2026 तक पूरा कराना अनिवार्य होगा।
- इसके बाद विद्यार्थियों को रिवीजन और अभ्यास कराया जाएगा।
- प्रायोजना कार्य (Project Work) 5 मार्च 2026 तक पूर्ण करना होगा।
- परीक्षा से पहले सैंपल प्रश्न पत्र तैयार कर अभ्यास कराया जाएगा।
प्रश्न पत्र निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था
- प्रश्न पत्रों के 3 सेट ब्लूप्रिंट के अनुसार 15 फरवरी 2026 तक तैयार होंगे।
- 20 फरवरी तक मॉडरेशन किया जाएगा।
- 25 फरवरी तक मुद्रण के लिए भेजा जाएगा।
- 15 मार्च तक सीलबंद प्रश्न पत्र जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे जाएंगे।
- 20 मार्च तक संकुल स्तर पर वितरण पूरा किया जाएगा।
उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन और परिणाम
- उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्थानीय स्तर पर विषय शिक्षकों द्वारा किया जाएगा।
- मूल्यांकन कार्य 20 अप्रैल 2026 तक पूर्ण होगा।
- विद्यालयवार अंकसूची 25 अप्रैल तक तैयार की जाएगी।
- 30 अप्रैल 2026 को परीक्षा परिणाम घोषित किए जाएंगे।
अंक विभाजन का फार्मूला
कक्षा 1 से 7 तक
• त्रैमासिक परीक्षा – 20%
• छमाही परीक्षा – 20%
• वार्षिक परीक्षा – 60%
कक्षा 9वीं और 11वीं
• छमाही परीक्षा – 30%
• वार्षिक परीक्षा – 70%
अनुपस्थित और अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए व्यवस्था
- वार्षिक परीक्षा में अनुपस्थित छात्रों को पूरक परीक्षा का अवसर मिलेगा।
- अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं अनिवार्य होंगी।
- कक्षा 1 से 7 तक पूरक परीक्षा में भी अनुत्तीर्ण होने पर कक्षोन्नति देकर अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।








