CG Crime News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में सराफा कारोबारियों पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। तीन दिन के भीतर दूसरी बड़ी लूट की वारदात सामने आई है। इस बार सीपत थाना क्षेत्र में स्थित रमेश ज्वेलर्स को निशाना बनाया गया, जहां से करीब 50 लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लूट ली गई।
जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा निवासी विनय सोनी खम्हरिया बस स्टैंड के पास रमेश ज्वेलर्स नाम से दुकान संचालित करते हैं। शुक्रवार शाम लगभग 7 बजे वे रोज की तरह दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहे थे। सोने-चांदी के जेवर और नकदी को तीन अलग-अलग बैग में रखकर वे शटर गिराने लगे। इसी दौरान बाइक सवार तीन नकाबपोश युवक वहां पहुंचे। जैसे ही व्यापारी ताला लगाने के लिए झुके, एक बदमाश ने झपट्टा मारकर बैग उठाया और बाइक पर बैठकर फरार हो गया। पूरी घटना कुछ ही सेकंड में अंजाम दे दी गई, जिससे आसपास मौजूद लोग और व्यापारी स्तब्ध रह गए।

50 लाख से अधिक के जेवर और नकदी
सराफा व्यापारी और सराफा एसोसिएशन के अनुसार, लूटे गए बैग में लगभग 50 से 60 ग्राम सोना, 6 से 8 किलो चांदी और नकदी थी। कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का दावा किया गया है। सीपत थाना प्रभारी ने बताया कि व्यापारी ने प्रारंभिक तौर पर 50 ग्राम सोना, 6 किलो चांदी और कुछ नकदी होने की जानकारी दी है। वास्तविक आंकड़ा जांच के बाद स्पष्ट होगा।
CCTV खंगाल रही पुलिस, नाकाबंदी तेज
घटना की सूचना मिलते ही सीपत टीआई राजेश मिश्रा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल, एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसीसीयू की टीम ने भी जांच शुरू कर दी। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संभावित भागने के सभी मार्गों पर नाकाबंदी की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

पहले की वारदात से जुड़े तार?
गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही बिलासपुर में 3.35 करोड़ की बड़ी लूट हुई थी, जिसके आरोपी यूपी में शॉर्ट एनकाउंटर के बाद पकड़े गए थे। उस मामले में गिरोह का मास्टरमाइंड विजय लांबा बताया गया, जिस पर 70 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया था कि गिरोह के सदस्यों की मुलाकात तिहाड़ जेल में हुई थी और रिहाई के बाद उन्होंने बिलासपुर में लूट की साजिश रची थी। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या नई वारदात का संबंध उसी गिरोह से है या यह अलग गैंग का काम है।








