CG High Court News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नांदघाट की छात्रा कविता वैष्णव ने अपने अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार बाजपेयी के माध्यम से छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में राज्य सरकार द्वारा नांदघाट से कॉलेज को पहले अड़ार और फिर कुरा स्थानांतरित किए जाने के निर्णय को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि महाविद्यालय का संचालन पूर्ववत नांदघाट में ही जारी रखा जाए।
याचिका में कहा गया है कि राज्य शासन ने 19 मार्च 2025 को जारी पत्र के माध्यम से नांदघाट में प्रस्तावित नए सरकारी कॉलेज भवन के निर्माण स्थल को ग्राम अड़ार से बदलकर कुरा गांव, विकासखंड नवागढ़, जिला बेमेतरा में स्थानांतरित करने की मंजूरी दी थी। याचिकाकर्ता कविता वैष्णव का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह मनमाना है और इससे वर्तमान में अध्ययनरत छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
नांदघाट निवासी कविता वैष्णव ने अपनी याचिका में कहा है कि फिलहाल कॉलेज का संचालन नांदघाट में हो रहा है, जिससे आसपास के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। आवागमन की सुविधा उपलब्ध होने के कारण छात्रों को व्यवहारिक दिक्कतों का सामना भी नहीं करना पड़ता। याचिका के मुताबिक जिस नए स्थान पर भवन निर्माण प्रस्तावित है, वह वर्तमान परिसर से काफी दूर है, जिससे विद्यार्थियों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी।
हाई कोर्ट ने एसडीएम को बनाया कोर्ट कमिश्नर
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने याचिका में उठाए गए मुद्दों को गंभीर मानते हुए बिल्हा एसडीएम को न्यायालय आयुक्त नियुक्त किया है। कोर्ट ने उन्हें वर्तमान में संचालित नांदघाट महाविद्यालय परिसर और नए प्रस्तावित भवन निर्माण स्थल दोनों की जांच करने का निर्देश दिया है।
तहसीलदार और बीईओ को सहयोग करने निर्देश
हाई कोर्ट ने बिल्हा तहसीलदार और बीईओ को निर्देशित किया है कि वे कोर्ट कमिश्नर को जांच कार्य में पूरा सहयोग दें। संबंधित अधिकारी भूमि का सीमांकन, स्थल निरीक्षण, पहुंच मार्ग की स्थिति और वर्तमान एवं प्रस्तावित दोनों स्थानों तक पहुंच की वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे। साथ ही आवश्यक दस्तावेज और फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट कोर्ट कमिश्नर को सौंपेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर कोर्ट कमिश्नर बिल्हा में पदस्थ राजस्व अधिकारियों और संबंधित पटवारी की मदद ले सकते हैं।
हलफनामे के साथ कोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट
इस मामले की सुनवाई जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच में हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने निर्देश दिया है कि कोर्ट कमिश्नर 24 जून 2026 या उससे पहले अपना शपथ पत्र और जांच रिपोर्ट राज्य शासन की ओर से उपस्थित अधिवक्ता के माध्यम से प्रस्तुत करें। हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 29 जून 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में मामले को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
कॉलेज शिफ्टिंग के खिलाफ छात्रों और पालकों ने किया था विरोध
नांदघाट से कॉलेज को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के फैसले का छात्रों और पालक संघ ने पहले भी कड़ा विरोध किया था। विद्यार्थियों ने पढ़ाई का बहिष्कार किया था, जबकि पालक संघ ने नेशनल हाईवे जाम करने की कोशिश भी की थी। जैसे ही प्रशासन को चक्का जाम की सूचना मिली, बेमेतरा जिला प्रशासन हरकत में आया और आंदोलन को रुकवाया गया। फिलहाल सरकार के फैसले को लेकर छात्र-छात्राओं और पालकों में नाराजगी बनी हुई है। शासन स्तर पर राहत नहीं मिलने के बाद अब मामला अदालत तक पहुंच गया है।