मोदी सरकार में घर बनाना और घर चलाना दोनों हुआ आसान

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डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा है कि जीएसटी में हुए कर-सुधार से आम आदमी के जीवन में अहम और सकारात्मक बदलाव आना तय है। केन्द्र सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय से अब देश विकासशील राष्ट्र से विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने दिशा में अपना कदम बढ़ा चुकी है। इससे आम आदमी की बचत बढ़ेगी और उनके जीवन-स्तर व देश के आर्थिक परिदृश्य में क्रांतिकारी मजबूती आएगी।

बिलासपुर। डिप्टी सीएम साव रविवार को जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। साव ने नए जीएसटी प्रावधानों से विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले सकारात्मक पहलुओं का विश्लेषण करते हुए कहा कि इन प्रावधानों से अब घर बनाना और घर चलाना बेहद सस्ता हो जाएगा। गुड एंड सर्विस टैक्स अब गुड और सिंपल टैक्स के नाम से भी जाना जाएगा।

सीमेंट, टीवी,एसी, रेफ्रिजरेटर,सजावट की वस्तुओं में टैक्स कम होने से घर बनाना हुआ सस्ता
सीमेंट, जो घर बनाने की एक बहुत जरूरी वस्तु है। टैक्स रेट में 10 प्रतिशत की कटौती घर बनाने की लागत को कम करने जा रही है। अक्सर यह माना जाता है कि एक घर में 20 प्रतिशत लागत सीमेंट की ही होती है और अब उसके टैक्स रेट में 10 प्रतिशत की कटौती घर बनाने की लागत में सीधा-सीधा दो प्रतिशत कमी कर देंगे। घर में लगने वाले और उपयोग होने वाले कई सामान, जिनमें टीवी, रेफ्रिजरेटर, डेकोरेशन के सामान, पर भी टैक्स दरों में भारी कटौती से घर बनाने की लागत में महत्वपूर्ण कमी आएगी। यह कमी घर में उपयोग होने वाली वस्तुओं के हिसाब से 5 से 10 प्रतिशत की हो सकती है।घर चलाने के लिए जरूरी हर एक वस्तु पर अब टैक्स की दरों में कमी होने से घर चलाने का बजट भी प्रभावी रूप से कम होगा।

केवल दो दरें होने से लिटिगेशन खत्म होगा
चार की जगह जीएसटी टैक्स की दो दरें होने से लिटिगेशन के मामलों में भारी कमी होगी। अक्सर यह देखा जाता था के कई वस्तुओं को लेकर उन पर लगने वाली कर की दर पर विवाद होता था और इसको लेकर कई प्रकार के लिटिगेशन कई स्तरों पर लंबित हैं। इससे व्यापारी वर्ग को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब चार की जगह दो कर दरे होने से ऐसे विवादों में भारी कमी आएगी।

हर प्रदेश में ट्रिब्यूनल खुलने से विवाद के खर्चों में कमी के साथ समय की होगी बचत
हर प्रदेश में ट्रिब्यूनल खुलने से विवादों पर होने वाले खर्चों में भी भारी कटौती होगी। अन्य प्रदेशों में ट्रिब्यूनल होने से न सिर्फ खर्चा ज्यादा होता था बल्कि समय भी ज्यादा लगता था अब समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

जीएसटी रजिस्ट्रेशन केवल 3 दिन में मिलने से व्यापार होगा आसान
जीएसटी का रजिस्ट्रेशन अब केवल 3 दिन में मिलेगा जो काफी राहतमंद सिद्ध होगा। इससे व्यापार करने में आसानी के साथ अर्जेंट जीएसटी नंबर की आवश्यकता होने पर व्यापार का नुकसान नहीं होगा।

देश में खपत 6 लाख करोड़ तक बढ़ने की संभावना
भारत सरकार द्वारा किए गए इनकम टैक्स एवं जीएसटी के बदलाव के बाद भारत में खपत लगभग 6 लाख करोड रुपए से बढ़ेगी। इससे जीडीपी में बढ़ोतरी के साथ साथ रोजगार और आर्थिक विकास में भी ज्यादा रफ्तार दिखाई देगी।

7 दिन में रिफंड से एक्सपोर्ट सेक्टर में आयेगा बूम
जीएसटी का रिफंड अब केवल 7 दिनों में होगा जिससे एक्सपोर्ट में भारी उछाल आएगा। इससे स्वास्थ्य शिक्षा और खेती के खर्चों में भी भारी कमी आएगी। श्री चिमनानी ने कहा कि खेती के क्षेत्र में ट्रैक्टर, ट्रैक्टर टायर एवं पार्ट्स, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, एग्रीकल्चर हॉर्टिकल्चर फॉरेस्ट्री मशीन्स पर जीएसटी की दरों में भारी कटौती की गई है। इलेट्रॉनिक सामान 10 प्रतिशत सस्ते हो जाएंगे यानी 50 हजार रुपए मूल्य के सामान पर सीधे-सीधे 5 हजार रुपए की बचत होगी। इसी प्रकार 12 लाख रु. मूल्य की सीएनजी कार पर 1 लाख 20 हजार रुपए की बचत होगी और 20 हजार रुपए के बीमा पर लगभग 4 हजार रुपए की बचत होगी।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा औसतन एक परिवार अगर वर्ष में 3 लाख 50 हजार रु खर्च करता है तो विभिन्न वस्तुओं के उपयोग पर 40 से 45 हजार रु की बचत प्रत्येक परिवार को होगी।

प्रेस कांफ्रेंस में ये रहे मौजूद
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ,जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल, दीपक सिंह, मीडिया प्रभारी प्रणव शर्मा समदरिया, सह प्रभारी दुर्गेश पांडे, सोशल मीडिया संयोजक देवेश खत्री।


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