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आ रही है प्रिंसिपल प्रमोशन की नई सूची: ई और टी कैडर के शिक्षकों के लिए दिसंबर में बड़ी खुशखबरी

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रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में प्राचार्य पदोन्नति को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुँच रही है। ई संवर्ग के 1478 लेक्चरर्स और हेड मास्टर्स को प्रमोशन देकर काउंसलिंग और पोस्टिंग की प्रक्रिया तो पूरी कर दी गई है, लेकिन अदालत में महीनों चली कार्रवाई और इस दौरान अनेक शिक्षकों के रिटायर हो जाने की वजह से बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए हैं। अब उम्मीद जताई जा रही है कि विभाग दिसंबर में एक और सूची जारी करेगा, जिसमें ई और टी दोनों संवर्गों के वे शिक्षक शामिल होंगे, जो प्रिंसिपल बनने की पात्रता पूरी करते हैं।

अदालती मामले ने प्रमोशन प्रक्रिया को महीनों रोके रखा

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जब पहली सूची जारी हुई तो कुछ शिक्षकों ने आपत्तियाँ दर्ज कराईं और मामला सीधे हाई कोर्ट जा पहुँचा। लगभग छह महीने तक सुनवाई चलती रही, जिसके चलते प्रमोशन प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई। टी संवर्ग के मुद्दे पहले निपटे और उन्हें कोर्ट से अनुमति मिलते ही पोस्टिंग दे दी गई, लेकिन ई संवर्ग का मामला तीन महीने और बढ़ गया। इस लंबी देरी का असर यह हुआ कि जिन 350 से अधिक लेक्चरर्स को प्राचार्य के रूप में जॉइन करना था, वे समय रहते पदभार ग्रहण नहीं कर पाए और रिटायर हो गए। इसी तरह काउंसलिंग के दौरान कई लेक्चरर्स और हेड मास्टर्स, जिनकी रिटायरमेंट एक-दो महीने ही बाकी थी, उन्होंने प्रमोशन स्वीकार करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई और स्वेच्छा से प्रक्रिया से बाहर हो गए। कुल मिलाकर नवंबर तक 368 शिक्षक रिटायर हुए और ई संवर्ग में करीब 695 प्रिंसिपल पद रिक्त हो गए।

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रिक्तियों को भरने के लिए नई सूची की तैयारी

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बढ़ी हुई रिक्तियों के कारण शिक्षक संगठनों ने शिक्षा मंत्री और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि इन पदों को तुरंत भरा जाए। विभाग के सूत्रों के अनुसार अब ऐसी स्थिति बन गई है कि दिसंबर में नई प्रमोशन सूची जारी करना आवश्यक हो गया है। इस सूची में उन लेक्चरर्स और हेड मास्टर्स के नाम शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने प्राचार्य पद के लिए आवश्यक सेवा अवधि और योग्यता को पूरा कर लिया है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यदि इस सूची को समय पर जारी किया गया तो सत्र के बीच शिक्षण व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा और स्कूलों में नेतृत्व की कमी दूर होगी।

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पोस्टिंग का मापदंड इस बार भी रहेगा स्पष्ट

पिछली बार की तरह इस बार भी पोस्टिंग के लिए वही मानक लागू किए जाएंगे, जिनके आधार पर सूची तैयार होती है। जिन स्कूलों में प्राचार्य का पद खाली है और वहाँ का लेक्चरर प्रमोट हुआ है, उसे उसी संस्था में पोस्टिंग दी जाएगी। यदि किसी स्कूल में तीन शिक्षक नियमित लेक्चरर, शिक्षाकर्मी एलबी व्याख्याता और हेड मास्टर सभी प्रमोशन के पात्र हों, तो प्राथमिकता उसी शिक्षक को दी जाएगी जो पहले से प्रिंसिपल पद से संबंधित जिम्मेदारी निभाने में सक्षम हो। इसके अलावा दिव्यांग शिक्षकों के लिए विशेष प्राथमिकता तय की गई थी, जिसमें महिला दिव्यांग को पहले और पुरुष दिव्यांग को बाद में अवसर दिया जाता है। नई सूची में भी यही व्यवस्था जारी रहने की संभावना है।


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