बस्तर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान राज्य की आंतरिक सुरक्षा, नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति स्थापना और बस्तर के सर्वांगीण विकास को लेकर स्पष्ट रोडमैप सामने आया। समीक्षा बैठक और संबोधन में उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ की पहचान सिर्फ नक्सलवाद से नहीं, बल्कि तेज विकास और सुशासन से होगी। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर को नए युग में ले जाने के लिए ठोस कदम उठा रही हैं।
नक्सलवाद का सफाया, विकास में बदल रहा चेहरा
गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अंतिम दौर में है। सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई, बेहतर खुफिया तंत्र और आत्मसमर्पण नीति के चलते नक्सली नेटवर्क कमजोर पड़ा है। उन्होंने दो टूक कहा कि हिंसा के रास्ते पर चलने वालों के लिए कोई जगह नहीं है और जो मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं।
बस्तर में सुरक्षा और विकास का संतुलन
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल नक्सल घटनाओं को रोकना नहीं, बल्कि बस्तर के गांव-गांव तक विकास पहुंचाना है। सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुरक्षा के समान ही प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जब विकास पहुंचेगा, तब स्थायी शांति अपने आप स्थापित होगी।
सामाजिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षण
गृह मंत्री ने बस्तर की आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और लोककला को देश की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर स्थानीय संस्कृति को खत्म नहीं किया जाएगा, बल्कि उसे सम्मान के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार जनजातीय समाज की पहचान और गौरव को संरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
बस्तर को आदिवासी संभाग के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव
समीक्षा बैठक में बस्तर क्षेत्र को एक सशक्त आदिवासी संभाग के रूप में विकसित करने पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य प्रशासनिक सुविधा, योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग और स्थानीय जरूरतों के अनुसार नीति निर्माण करना है। इससे आदिवासी इलाकों में शासन की पहुंच और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेगी।
सुरक्षा बलों के समन्वय पर जोर
गृह मंत्री ने केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जब सभी एजेंसियां एक साझा लक्ष्य के साथ काम करती हैं, तब परिणाम तेज और प्रभावी होते हैं। आधुनिक तकनीक, ड्रोन निगरानी और रियल-टाइम इंटेलिजेंस के उपयोग से ऑपरेशनों को और मजबूत किया जा रहा है।
बस्तर के लिए गृह मंत्री का विजन: ‘10 साल में मॉडल क्षेत्र’
अमित शाह ने कहा कि यदि बस्तर में लंबे समय तक नक्सल हिंसा नहीं होती, तो यह क्षेत्र अब तक देश के सबसे समृद्ध इलाकों में शामिल होता। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले 10 वर्षों में बस्तर को एक मॉडल क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां रोजगार, शिक्षा और आधारभूत सुविधाएं पूरे देश के लिए उदाहरण होंगी।
नीति और जनहित एक साथ
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां जनहित को केंद्र में रखकर बनाई जा रही हैं। युवाओं को रोजगार, किसानों को सुविधाएं और आदिवासी समाज को अधिकार, यही विकास का मूल आधार है। छत्तीसगढ़ में शांति और प्रगति एक साथ आगे बढ़ेगी।








