
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) पूरा हो चुका है। 97 दिनों तक चली इस प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार को बिहार की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन के दौरान लाखों पुराने नाम हटाए गए हैं तो वहीं लाखों नए मतदाता भी जोड़े गए हैं। अब राज्य की कुल मतदाता संख्या 7 करोड़ 41 लाख 92 हजार 357 हो गई है।
Also Read – केंद्र सरकार ने बीफ को किया जीएसटी फ्री: भाजपा का दोहरा चरित्र आया सामने
69 लाख नाम हटे, 21 लाख से अधिक जुड़े
चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सत्यापन अभियान में कुल 69 लाख 30 हजार 818 नाम सूची से हटाए गए। इनमें मृत घोषित किए गए मतदाता, दोहरी प्रविष्टियों वाले नाम और स्थायी रूप से बाहर चले गए लोगों के नाम प्रमुख हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या उन 36 लाख से अधिक लोगों की है, जो राज्य छोड़कर स्थायी रूप से बाहर बस गए। वहीं 22 लाख 34 हजार से ज्यादा मतदाता ऐसे मिले जो अब इस दुनिया में नहीं रहे और उनके नाम सूची से हटा दिए गए। इसके अलावा करीब 7 लाख दोहराव वाले नाम भी समाप्त किए गए। इसी बीच 21 लाख 53 हजार 343 नए योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया है। इनमें बड़ी संख्या उन युवा मतदाताओं की है जो पहली बार अपना वोट डालेंगे। आयोग के मुताबिक अब बिहार में 3 करोड़ 92 लाख पुरुष, 3 करोड़ 49 लाख महिलाएं और 1725 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और प्रक्रिया की वैधता
इस बार का एसआईआर कई वजहों से खास रहा। विपक्ष ने इसे लेकर सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक विरोध दर्ज कराया। 15 सितंबर को उच्चतम न्यायालय ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए साफ कहा था कि अगर सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई गई तो पूरी कवायद रद्द कर दी जाएगी। कोर्ट ने यह भी माना कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को लेकर कोई आंशिक टिप्पणी नहीं की जा सकती, क्योंकि उसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को यह भी निर्देश दिया था कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आधार कार्ड को भी मान्य दस्तावेज माना जाए।
22 साल बाद दोबारा विशेष पुनरीक्षण
बिहार में आखिरी बार विशेष गहन पुनरीक्षण 2003 में हुआ था। उसके बाद से अब तक पांच विधानसभा और पांच लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। इस बार 22 साल बाद राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया कराई गई। विशेष सत्यापन 24 जून 2025 को शुरू हुआ और 1 अगस्त को इसका प्रारूप प्रकाशित हुआ था। उस समय राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 7 करोड़ 24 लाख 5 हजार थी, जबकि अंतिम सूची में यह आंकड़ा बढ़कर 7 करोड़ 41 लाख से ज्यादा पहुंच गया।
मतदाता सूची देखने और आपत्ति दर्ज करने की सुविधा
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी नागरिक ऑनलाइन पोर्टल voters.eci.gov.in या ceoelection.bihar.gov.in पर जाकर अपनी प्रविष्टि देख सकता है। इसके अलावा ECINET मोबाइल ऐप पर भी मतदाता सूची उपलब्ध है। ऑफलाइन व्यवस्था में संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), प्रखंड कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय और जिला निर्वाचन कार्यालय में भी सूची देखी जा सकती है। अगर कोई व्यक्ति अभी भी अपना नाम जुड़वाना चाहता है तो नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि से दस दिन पहले तक आवेदन किया जा सकता है। साथ ही, यदि कोई मतदाता सूची में नाम से जुड़ी प्रविष्टि पर आपत्ति करना चाहता है तो वह पहले निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी और उसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी या फिर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
Also Read – शाम 6 बजे से विजयादशमी उत्सव








