रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। माशिमं की सचिव पुष्पा साह साहू द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह नई शुल्क दरें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होंगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय वित्त समिति की 14 अक्टूबर 2025 और कार्यपालिका समिति की 23 दिसंबर 2025 को हुई बैठकों में लिया गया था।
जारी आदेश के तहत परीक्षा शुल्क के साथ-साथ परीक्षा से जुड़ी कई प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों के शुल्क में भी इजाफा किया गया है। नियमित हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा के लिए पहले 460 रुपये लिए जाते थे, जिसमें परीक्षा शुल्क, अंकसूची और प्रायोगिक विषय शामिल थे। अब इसे बढ़ाकर 800 रुपये कर दिया गया है। नामांकन शुल्क को 80 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है, जबकि अतिरिक्त विषय के लिए शुल्क 110 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये तय किया गया है।
माशिमं ने द्वितीय मुख्य एवं अवसर परीक्षा से जुड़े शुल्कों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। एक विषय की परीक्षा के लिए शुल्क 280 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है। दो विषयों के लिए यह राशि 340 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दी गई है, जबकि दो से अधिक विषयों की क्रेडिट योजना के अंतर्गत शुल्क 640 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये निर्धारित किया गया है।
स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए भी परीक्षा और पंजीयन शुल्क में वृद्धि की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर और राज्य के भीतर के नए स्वाध्यायी छात्रों के लिए पंजीयन एवं अनुमति शुल्क 1540 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, राज्य के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्वाध्यायी छात्रों के लिए यह शुल्क 560 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये कर दिया गया है। स्वाध्यायी छात्रों के लिए संपूर्ण विषय परीक्षा शुल्क अब 1600 रुपये होगा, जो पहले 1230 रुपये था।
इसके अलावा अन्य मदों में भी शुल्क बढ़ाया गया है। स्वाध्यायी एक विषय के लिए शुल्क 280 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये, दो विषयों के लिए 340 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। ग्राह्यता शुल्क 310 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये, परीक्षा केंद्र परिवर्तन शुल्क 240 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये और विषय, माध्यम या संकाय परिवर्तन शुल्क प्रति विषय 200 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है। विलंब शुल्क और विशेष विलंब शुल्क में भी वृद्धि करते हुए इन्हें क्रमशः 1000 रुपये और 2000 रुपये कर दिया गया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा में नियमित आवेदन पत्र जमा नहीं करने की स्थिति में प्रति परीक्षा 31 दिसंबर तक 2000 रुपये का शुल्क देना होगा। हालांकि जिन मदों में शुल्क वृद्धि नहीं की गई है, वे पूर्व की तरह यथावत रहेंगे। माशिमं ने स्पष्ट किया है कि संशोधित शुल्क दरें सत्र 2026-27 से अगले आदेश तक प्रभावशील रहेंगी। इस आदेश की जानकारी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, लोक शिक्षण संचालनालय, संभागीय अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों और माशिमं से मान्यता प्राप्त सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों को भेज दी गई है।








