CG Teacher News: रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ भवन, सप्रे शाला प्रांगण मैदान में गुरुवार को छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक संगठन की प्रांतीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने किया। इस दौरान संगठन के प्रांतीय पदाधिकारी और राज्य के सभी 33 जिलों के जिला अध्यक्ष बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक में संगठन की अब तक की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए भविष्य की रणनीति तय की गई। सरकार के साथ प्रभावी संवाद कायम रखने, लंबित मांगों के निराकरण के लिए ठोस पहल करने तथा आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने पर विस्तार से चर्चा हुई। जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की स्थिति साझा करते हुए संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने के सुझाव दिए।

वेतन विसंगति और पदोन्नति पर जोर
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा वेतन विसंगति का रहा। संगठन ने इस विषय को प्राथमिकता में रखते हुए सरकार से निरंतर और ठोस वार्ता जारी रखने का निर्णय लिया। इसके साथ ही लंबित पदोन्नति प्रकरणों को शीघ्र निपटाने के लिए संभाग और जिला स्तर पर अधिकारियों से मिलकर दबाव बनाने की रणनीति तय की गई। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से छूट दिलाने के लिए शासन स्तर पर पहल करने का संकल्प लिया गया। साथ ही पूर्व में टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की योग्यता को सेवा पुस्तिका में दर्ज कराने के लिए डीपीआई स्तर से आदेश जारी कराने की मांग रखी गई। विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित कराने के विषय पर भी शासन से चर्चा करने का निर्णय लिया गया।
संगठनात्मक विस्तार और आंदोलन की तैयारी
बैठक में विधि मान्य सदस्यता अभियान की समीक्षा करते हुए संगठन के विस्तार को गति देने का निर्णय लिया गया। “मोदी की गारंटी” से जुड़े वादों को पूरा कराने के लिए सरकार से संवाद तेज करने और प्रदेश स्तर पर एक बड़े सम्मेलन के आयोजन की योजना बनाई गई। वरिष्ठ विधायकों और राजनीतिक प्रतिनिधियों से भेंट कर मध्यस्थता के माध्यम से शिक्षकों की मांगों को आगे बढ़ाने की रणनीति भी तय की गई। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि संवाद से समाधान नहीं निकलता है, तो लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन का मार्ग अपनाया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने कहा कि संगठन की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। शिक्षकों के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए संगठन लगातार प्रयासरत रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों से सभी लंबित मांगों का समाधान संभव है।

बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में सचिव राजू टंडन, उपाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख, कोषाध्यक्ष शेषनाथ पाण्डे, संयोजक मनीष मिश्रा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। संस्थापक सदस्यों में रंजीत बैनर्जी, सी.डी. भट्ट, अश्वनी कुर्रे, सिराज बख्श और कौशल अवस्थी की सहभागिता रही। इसके अलावा कार्यकारी अध्यक्ष बसंत कौशिक, प्रांतीय प्रवक्ता रुपिका रानी मरकाम, संयुक्त सचिव बुधनी अजय, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बरखा शर्मा तथा विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।








