राजनांदगांव। फर्जी सीबीआई अधिकारी और जज बन कर 79 वर्षीय महिला को डिजीटल अरेस्ट कर 80 लाख रुपए वसूलने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वही शेयर ट्रेडिंग के नाम से व्यापारी को एक करोड़ का चूना लगाने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
राजनांदगांव पुलिस ने साइबर ठगी के दो बड़े मामलों का खुलासा किया है। पहले मामले में एक बुजुर्ग महिला को साइबर ठाकुर ने फर्जी सीबीआई अधिकारी और जज बनकर मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने का भय दिखाकर 79 लाख 69 हजार रुपए की ठगी कर ली। जबकि दूसरे मामले में युवा व्यापारी को फर्जी वेबसाइट लिंक भेजकर एक करोड़ इक्कीस लाख,53 हजार 590 रूपये की ठगी कर ली। पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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अज्ञात साईबर ठगों द्वारा स्वयं को एयरटेल कर्मचारी, फिर सीबीआई अधिकारी और बाद में “जज” बताकर 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला को वीडियो कॉल पर मनी लांड्रिंग के केस में फसे हो कहकर डराया और व्हाट्सअप विड़ियों कॉल पर डिजिटल अरेस्ट का झांसा देते हुये मनी लॉन्ड्रींग केस में फर्जी जज बनकर सुनवाई के दौरान कहा कि उनके खाते की रकम को जज के खाते में आरटीजीएस करें, जिससे उनकी निर्दोषता साबित होगी। डर के कारण पीड़िता ने ठगों के बताये बैंक खातों में अनयासी लाख उनहत्तर हजार सैंतालीस रूपये ट्रांसफर कर दी। प्रार्थिया के सूचना पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 700/2025 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। साइबर सेल व थाना कोतवाली की संयुक्त टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर छानबीन की। ठगी की रकम में से 20 लाख रूपये आरोपी द्वारा यश बैंक के खाते में प्राप्त किया गया था। टीम गुरूग्राम हरियाणा में दबिश देकर एक आरोपी राधेश्याम को हिरासत में लिया। आरोपी द्वारा ठगी से प्राप्त रकम को गुरूग्राम हरियाणा के विभिन्न बैंकों में चेक व एटीएम के माध्यम से नगद निकालकर 02 प्रतिशत कमीशन अपने पास रख कर बाकी ठगी के रकम को गिरोह को भेजता था। प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों की पतासाजी जारी है।
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साइबर ठगो द्वारा स्वयं को फारेक्स/ऑनलाइन ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताकर प्रार्थी आयुष अग्रवाल निवासी राजनांदगांव को रुपये दोगुना करने का लालच दिया। इनवेस्टमेंट हेतु व्हाटसअप के माध्यम से फर्जी वेबसाईट लिंक भेजकर उस पलेटफार्म पर फर्जी तरीके से शुरूवात में छोटा मुनाफा 15 हजार रूपये प्रार्थी के एकाउंट में ट्रांसफर किये इस प्रकार प्रार्थी को भरोसे में लिया और बड़े निवेश में ज्यादा फायदा देने की बात कहकर कुल मिलाकर एक करोड़ ईक्कीस लाख तिरेपन हजार पांच सौ नब्बे रूपये विभिन्न खातों में जमा कराए। ठगों ने कमीशन और निवेश के नाम पर लगातार पैसे माँगे। बढे़ हुये रकम को प्रार्थी द्वारा विथड्रॉ करने की बात करने पर ठगों द्वारा बहाना करने पर प्रार्थी को ठगी का अहसास हुआ फिर प्रार्थी ने साइबर हेल्पलाइन 1930 व थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 656/2025 रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस पर साइबर सेल व थाना कोतवाली की टीम ने मनी ट्रेल व तकनीकी जांच कर मध्यप्रदेश के सिहोर व इंदौर में दबिश दी और बंधन बैंक के खाता जिसमें ठगी की रकम 9 लाख रूपये ट्रांसफर की गई थी। जिसके खाता धारक धीरज सिंह जिसके द्वारा अपनी कंपनी किसान बाजार के नाम पर करंट बैंक खाता खुलवाकर उसे ठगी हेतु रूपये 1,30,000/- (एक लाख तीस हजार) रूपये कमीशन लेकर ठगों को बेचा गया था। व उक्त बैंक खाता को ठगो तक पहुंचाने वाले गिरोह के अरविंद ठाकुर जो कि खाता उपलब्ध कराने हेतु 2 प्रतिशत लेता था तथा डिम्पल यादव बीटेक सायबर सेक्यूरिटी का छात्र ठगों को खाता उपलब्ध कराने के एवज में व 2.8 प्रतिशत कमीशन लेने का काम करता था। खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी कमीशन के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी-यूएसडीटी के रूप में वॉलेट एड्रेस में प्राप्त करते थे।
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आरोपी :-
- राधे श्याम पिता धनाराम उम्र 20 वर्ष निवासी कुश्लावा जिला जोधपुर (राजस्थान)
- धीरज सिंग पिता गुलाब सिंग उम्र 34 वर्ष, निवासी अंजनी नगर, काजीखेड़ी थाना पार्वती (म.प्र.)
- अरविन्द्र ठाकुर पिता मनोज सिंह ठाकुर उम्र 30 वर्ष निवासी मुकाती कॉलोनी बैंक ऑफ बड़ौदा के पास कनौद रोड़ आष्टा जिला सिहौर थाना आस्ठा।
- डिम्पल सिंह यादव पिता रणबिर सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी भिण्डावास जिला झज्जर थाना छुछकवास








