मौसाजी होटल समूह में GST का छापा, देर रात तक दस्तावेज खंगालते रहे अफसर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की पड़ताल

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के प्रतिष्ठित होटल मौसाजी के संस्थानों में स्टेट जीएसटी की टीम ने दबिश दी। सुबह टीम के सदस्य ग्राहक बनकर होटल में नाश्ता करने पहुंचे फिर शाम को संस्थान के अलग– अलग होटलों में अलग– अलग टीमों ने छापामार कार्रवाई की। देर रात तक जीएसटी की टीम होटलों में दस्तावेज खंगालती रही।

बिलासपुर शहर के मशहूर होटल मौसाजी ग्रुप के सभी संस्थानों में स्टेट जीएसटी की टीम ने छापामार कार्रवाई की है। खास बात यह है कि सुबह होटल में जीएसटी के अधिकारी नाश्ता करने के बहाने पहुंचे थे और अपना आकलन कर निकल गए। शाम होते-होते होटल के सभी ब्रांचों में जीएसटी टीम ने दबिश दे दी। आधी रात तक होटल में जीएसटी के अफसर जांच करते रहे।

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मौसाजी स्वीट्स शहर का नामी प्रतिष्ठान है। पांच ब्रांच शहर में संचालित हैं। इन ब्रांचों में गोलबाजार, सरकंडा देवनंदन नगर, श्रीकांत वर्मा मार्ग, मंगला चौक और तिफरा में मौसाजी स्वीट्स संचालित है। मिष्ठानों के अलावा नाश्ते की भी व्यवस्था तीन ब्रांच में उपलब्ध है। जबकि श्रीकांत वर्मा मार्ग में खाने की भी सुविधा उपलब्ध है। स्टेट जीएसटी की टीम ने कल सोमवार की सुबह श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित मौसाजी स्वीट्स में ग्राहक बनकर पहुंचे व नाश्ता किया। इस दौरान उन्होंने छापे की रणनीति बना ली। शाम होते–होते श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित संस्थान सहित बाकी तीनों संस्थानों में छापा पड़ गया।

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शाम तकरीबन 4:30 बजे चारों संस्थानों में स्टेट जीएसटी की अलग-अलग टीमों ने धावा बोल दिया। इस दौरान अलग-अलग अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग होटल के ब्रांच में अधिकारी दस्तावेज खंगालते रहे। इस दौरान रजिस्टर, फाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि सभी को कब्जे में लेकर जीएसटी अफसरों ने जांच की। अधिकारियों ने बिल पर्ची, फाइल और जीएसटी के रूप में भरे गए टैक्स के सारे दस्तावेजों का मिलान कर आंकलन किया। रात 12:00 बजे तक दस्तावेज खंगाले गए। वापसी में कुछ दस्तावेज भी टीम अपने साथ ले गई। श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित मौसाजी स्वीट्स में ज्वाइंट कमिश्नर के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने दबिश दी थी। टीम ने सभी दस्तावेजों,पुराने रजिस्टर, कर्मचारियों की जानकारी उन्हें दिए जाने वाले भुगतान की जानकारी, ग्राहकों को दिए गए बिल और लिए गए भुगतान पर जीएसटी की जानकारी, कंप्यूटर सिस्टम में लेनदेन का पूरा हिसाब किताब देखा। इसके बाद रात साढ़े 10 बजे जॉइंट कमिश्नर जीएसटी निकल गए जबकि उनके टीम के सदस्य देर रात तक जांच करते रहे।


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