पढ़िए स्कूल शिक्षा विभाग ने क्यों जारी किया आदेश, किस बात को लेकर नाराजगी आई सामने
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत आने वाले जिले के सभी चार ब्लाॅक के बीईओ व 277 स्कूलों के प्रिंसिपल व हेड मास्टर्स को जनवरी महीने की सैलेरी नहीं मिलेगी। दरअसल विभाग ने छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों के प्रमुखों को दर्पण पोर्टल में स्कूलों के हालात की जानकारी अपलोड करनी थी। लापरवाही बरतने वाले संस्था प्रमुखों के साथ ही काम की मानिटरिंग में ढिलाई बरतने वाले बीईओ को भी कार्रवाई की जद में लाया गया है।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के 277 स्कूलों के हेड मास्टर व प्रिंसिपल 11 महीने में यह जानकारी पोर्टल में अपलोड नहीं कर पाए कि उनके स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का क्या हाल है। संस्था प्रमुखों को स्कूल भवनों की स्थिति के अलावा खेल मैदान, शौचायल व अन्य बुनियादी सुविधाओं के बारे में दर्पण पोर्टल में जानकारी अपलोड करनी थी। बीते 11 महीने में स्कूल शिक्षा विभाग ने एक दर्जन से अधिक बार रिमांडर भेजा और जरुरी दिशा निर्देश भी जारी किया। इसके बाद भी पोर्टल में जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। नाराज स्कूल शिक्षा विभाग ने बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत आने वाले जिले के सभी चार बीईओ को भी कार्रवाई की जद में लाया गया है। नाराज राज्य शासन ने जनवरी महीने की सैलेरी रोकने का आदेश जारी कर दिया है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो बिलासपुर जिले में कुल 1826 स्कूल हैं। इनमें 226 हाई एवं हायर सेकेंडरी, 509 मिडिल और 1091 प्राथमिक स्कूल शामिल हैं। शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए सभी शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी शालाओं के संस्था प्रमुखों को दर्पण पोर्टल में मूलभूत सुविधाओं की जानकारी शत-प्रतिशत दर्ज करनी थी। इसके लिए 15 अगस्त 2025 की डेडलाइन तय की गई थी। यह जानकारी सीजी स्कूल डॉट इन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करनी थी।

191 स्कूलों में जीरो इंट्री, बीईओ की लापरवाही आई सामने

277 स्कूलों में यह काम पूरा नहीं हो पाया है। 191 स्कूल ऐसे हैं जहां पोर्टल में कोई एंट्री ही नहीं की गई है। 80 स्कूलों आधी अधूरी जानकारी अपलोड की है। नियमों पर नजर डालें तो संबंधित स्कूलों की एंट्री सत्यापन बीईओ द्वारा किया जाना था, लेकिन विभागीय पोर्टल में इसका इंद्राज नहीं कराया गया। इन स्कूलों की सूची जारी की गई है। विकासखंड तखतपुर के 92, मस्तूरी के 87, कोटा के 52 और बिल्हा के 40 स्कूल शामिल हैं। मामले में संबंधित बीईओ और डीडीओ को जिम्मेदार मानते हुए दोनों के वेतन रोकने के आदेश जारी किए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने वरिष्ठ कोषालय अधिकारी को पत्र लिखकर बीईओ और डीडीओ के वेतन आहरण पर ब्रेक लगाने कहा है।

दर्पण पोर्टल में इन जानकारियों को करना था अपलोड

स्कूल भवन की मौजूदा स्थिति, कक्षा की संख्या, खेल का मैदान, पुस्तकालय की उपलब्धता, रैंप, पेयजल, शाला का प्रकार, कक्षा की संख्या, टायलेट, बाउंड्रीवॉल, बिजली की सुविधा, पानी, और कंप्यूटर, इंटरनेट जैसी सुविधाओं की जानकारी दी जानी थी।


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