दुर्ग | दुर्ग में एटीएम में रकम डालने निकले युवक से 14 लाख 60 हजार रुपए के लूट की कहानी झूठी निकली। आर्थिक दबाव और लोन का किश्त नहीं पटा पाने के चलते रुपयों का गबन कर लूट की झूठी कहानी गढ़ दी थी।
एटीएम में कैश लोडिंग करने वाला कर्मचारी 14 लाख 60 हजार रुपये लेकर निकला था। ग्राम कपसदा के पास तीन लोगों ने चाकू दिखाकर पूरी रकम लूट ली। पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तब पता चला कि युवक आर्थिक संकट से जूझ रहा था। उसने इससे मुक्ति पाने के लिए लूट की झूठी कहानी रच डाली। अब पुलिस ने लूट की झूठी कहानी रचने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामला कुम्हारी थाना क्षेत्र का है।
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दुर्ग जिले के चरोदा में रहने वाले आशीष राठौर(34) ने हिताची कंपनी के एटीएम में कैश लोडिंग का कांट्रेक्ट लिया है। उसने सात दिसंबर को थाना कुम्हारी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि छह दिसंबर को वह तेन्दुआ से मुरमुंदा दादर की ओर 14 लाख 60 हजार रुपये कैश बैग में रखकर मोटरसाइकिल से जा रहा था। इसी दौरान कपसदा के पास तीन युवकों ने चाकू दिखाकर बैग सहित रकम लूट ली। शिकायत पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। तब आसपास के लोगों ने लूट जैसी किसी घटना के होने की जानकारी से इन्कार किया।

संदेह होने पर पुलिस ने आशीष राठौर से सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद उसने सच उगलना शुरू कर दिया। आरोपी ने बताया कि वह पहले हिताची के चार सेल्फ फंडिंग एटीएम फ्रेंचाइजी संचालित करता था। बाद में उसने आठ और फ्रेंचाइजी ले लिए, जिनमें कंपनी की फंडिंग होती है। कुल 12 एटीएम में कैश लोडिंग के कारण उसके पास पर्याप्त नकदी नहीं बचती थी। कई बार एटीएम खाली होने पर ट्रांजेक्शन कम हो जाते थे, जिससे उसका कमीशन भी गिर गया था। इसी आर्थिक दबाव में उसका घर और कार लोन का बोझ भी बढ़ गया था। इंकम कम होने से परेशान होकर उसने बीमा राशि पाने के लिए कैश लूट लिए जाने की झूठी कहानी बनाई। कुम्हारी पुलिस ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले आरोपी आशीष राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में बीएनएस की धारा 309(4) के तहत कार्रवाई गई है।
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सेल्फ फंडिंग एटीएम में डाल दी रकम
पुलिस की पूछताछ में आशीष ने स्वीकार किया कि उसने विभिन्न एटीएम में रकम डालने के बाद अपने तीन सेल्फ फंडिंग एटीएम में 14 लाख 60 हजार रुपये अधिक जमा कर दिए। उसी रकम को लूट होना बताकर उसने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई ताकि कंपनी आसानी से इंश्योरेंस क्लेम कर सके। इधर पुलिस की टीम ने बारिकी से पूछताछ कर आरोपी के मुंह से सच्चाई उगलवा ली।








