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भ्रष्टाचार पर करारा वार, GeM पोर्टल के जरिये होगी सरकारी खरीदी

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रायपुर। विभागीय खरीदी में गड़बड़ियों की संभावनाओं को खत्म करते हुए राज्य सरकार ने जरुरी गाइड लाइन व निर्देश जारी किया है। उद्योग विभाग ने विभिन्न विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर अब जेम पोर्टल के जरिए ही खरीदी करने का निर्देश दिया है।

छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम, 2002 के अंतर्गत भारत सरकार के GeM Portal से वस्तुओं एवं सेवाओं के क्रय का प्रावधान किया गया है। GeM Portal के माध्यम से विभिन्न विभागों के द्वारा क्रय की कार्यवाही की जाती है। हाल ही में कतिपय विभागों के द्वारा किए गए क्रय में कुछ अनियमितताएं प्रकाश में आई हैं। अतएव छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम, 2002 (परिशिष्ट-एक) के प्रावधानों एवं क्रय की पारदर्शिता के मापदंडों की ओर पुनः ध्यान आकृष्ट किया जाना आवश्यक हो गया है।

छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम, 2002 के नियम 3 में संशोधन की अधिसूचना 11 जुलाई, 2024 के द्वारा समस्त शासकीय क्रय में भारत सरकार की जेम (GeM) पोर्टल को प्राथमिकता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इन नियमों में वस्तुओं के साथ-साथ सेवाओं का भी क्रय जेम (GeM) वेबसाइट के माध्यम से किये जाने का स्पष्ट उल्लेख है। इस हेतु आवश्यक है कि वस्तुओं एवं सेवाओं के विक्रेताओं/प्रदायकर्ताओं का पंजीयन जेम (GeM) पोर्टल पर हो एवं क्रय करने वाले कार्यालयों का क्रेता के रूप में पंजीयन जेम (GeM) पर हो। शासकीय कार्यालयों के क्रेता के रूप में पंजीयन के लिए वर्ष 2017 में कई परिपत्र जारी किये गये हैं। तथापि आवश्यक होने पर सुलभ संदर्भ के लिए पूर्व में जारी परिपत्रों के साथ पंजीयन की प्रक्रिया के सम्बन्ध में परिशिष्ट-दो, परिशिष्ट-तीन (1) एवं परिशिष्ट-तीन (2) पुनः संलग्न प्रेषित है।

• मूल निर्माता से सामग्री क्रय करने के विषय में निर्देश जारी किया गया है। भारत सरकार के जेम (GeM) पोर्टल पर सामग्रियों के वर्गीकरण के अनुसार मूल निर्माता के रूप में पंजीयन की आवश्यक व्यवस्था की गई है, जिससे समुचित वर्गीकरण पश्चात उक्त सामग्री मूल निर्माता से ही क्रय होना संभावित है। अतएव जेम (GeM) पोर्टल से क्रय किये जाने की स्थिति में, उक्त विभागीय परिपत्र के निर्देशों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।

• 50 हजार से कम राशि की वस्तु,सेवा के क्रय में, नियम 4.3.1 अंतर्गत जेम (GeM) पोर्टल से भिन्न माध्यम से क्रय के विषय में जारी विभागीय पत्र 20 नवंबर 2024 को अधिक्रमित करते हुए स्पष्ट किया जाता है कि छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम, 2002 के नियम 3 अनुसार जेम (GeM) पोर्टल पर उपलब्ध वस्तु/सेवा का क्रय जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से ही किया जाए। किसी विशेष परिस्थिति में भी, नियम 3 अनुसार, वित्त विभाग की पूर्व अनुमति के बिना अन्य माध्यम से क्रय नहीं किया जाए।

• शासकीय क्रय की कार्यवाही को पारदर्शी एवं नियमानुसार सुनिश्चित करने के लिए, क्रय की समीक्षा एवं पर्यवेक्षण किया जाना आवश्यक है। आपके विभाग में एवं विभाग के अधीनस्थ कार्यालय में होने वाले क्रय के समुचित पर्यवेक्षण के लिए आपके विभाग में एक इकाई का गठन किया जाए। इस इकाई में उपसचिव से अनिम्न पद श्रेणी के कम से कम एक अधिकारी हों। इकाई में विभाग में पदस्थ वित्त सेवा के अधिकारी या लेखा शाखा के प्रभारी को भी अनिवार्यतः शामिल किया जाए। यह इकाई विभाग के अधीन किए जाने वाले क्रय का समुचित रूप से पर्यवेक्षण करेगी। पत्र प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर इकाई गठन का आदेश जारी कर इस विभाग को सूचित किया जाना सुनिश्चित करें।

• सभी प्रशासकीय विभाग यह सुनिश्चित करें कि विभाग में अधिक मूल्य के क्रय किये जाने वाले वस्तु/सेवा के क्रय पर विभागीय इकाई के माध्यम से समुचित पर्यवेक्षण किया जाए। विशेष रूप से ऐसी वस्तु या सेवा, जिसका क्रय एक वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का किया जा रहा है, के क्रय पर विशेष ध्यान दिया जाए। क्रय की अधिकारिता के विषय में वित्तीय अधिकारों की पुस्तिका का अवलोकन किया जाना अपेक्षित है।

• विभाग अंतर्गत कुछ ऐसी वस्तुएं या सेवाएं हो सकती हैं, जिनका क्रय प्रत्येक वित्तीय वर्ष में किया जाना आवश्यक हो अथवा जिनका क्रय अधीनस्थ कई कार्यालयों द्वारा किया जाना आवश्यक हो, ऐसी वस्तु / सेवा के विवरण (Specification), विशेषतः यदि यह वस्तु/सेवा अधिक मूल्य की है, में एकरूपता सुनिश्चित की जाए। विवरण में ऐसी कोई अतिरिक्त शर्त का उल्लेख नहीं हो, जो विभिन्न विक्रेताओं/प्रदायकर्ताओं को अनावश्यक रूप से सीमित करती हो, या किसी विशेष विक्रेताओं/प्रदायकर्ताओं को अनुचित लाभ प्रदान करती हो अथवा क्रय की जा रही वस्तु/सेवा से सम्बन्ध नहीं रखती हो। इकाई के पर्यवेक्षण में अनुचित अतिरिक्त शर्त (ATC – Additional Terms & Conditions) का तथ्य मिलने पर सम्बन्धित क्रय प्रक्रिया निरस्त करने की कार्यवाही की जाए।

• इकाई का यह भी दायित्व होगा कि अधीनस्थ कार्यालयों को उनके व्यय के लिए बजट प्रावधान के पालन में राशि का आबंटन / संवितरण समय पर किया जाना सुनिश्चित करेगी, जिससे प्रावधान अनुसार समय-सीमा में जेम पोर्टल पर भुगतान की कार्यवाही संपन्न हो सके। इकाई के द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि क्रय के संभावित वस्तुओं एवं सेवाओं के विक्रेताओं/ प्रदायकर्ताओं की जेम पोर्टल पर ऑन-बोर्डिंग प्रोत्साहित करने के लिए समुचित कार्य किया जाए एवं विशेषतः सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को जेम पोर्टल पर पंजीयन में सहयोग प्रदान किया जाए। पर्यवेक्षण में विक्रेताओं/ प्रदायकर्ताओं के द्वारा कार्टेल निर्मित करने का आभास होने पर समुचित प्रतिबंधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

जेम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरुरी
छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम, 2002 के नियम 3 में संशोधन की अधिसूचना 11 जुलाई, 2024 के द्वारा समस्त शासकीय क्रय में भारत सरकार की जेम (GeM) पोर्टल को प्राथमिकता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इन नियमों में वस्तुओं के साथ-साथ सेवाओं का भी क्रय जेम (GeM) वेबसाइट के माध्यम से किये जाने का स्पष्ट उल्लेख है। इस हेतु आवश्यक है कि वस्तुओं एवं सेवाओं के विक्रेताओं/प्रदायकर्ताओं का पंजीयन जेम (GeM) पोर्टल पर हो एवं क्रय करने वाले कार्यालयों का क्रेता के रूप में पंजीयन जेम (GeM) पर हो। शासकीय कार्यालयों के क्रेता के रूप में पंजीयन के लिए वर्ष 2017 में कई परिपत्र जारी किये गये हैं।

अफसर करेंगे निगरानी
शासकीय क्रय की कार्यवाही को पारदर्शी एवं नियमानुसार सुनिश्चित करने के लिए, क्रय की समीक्षा एवं पर्यवेक्षण किया जाना आवश्यक है। आपके विभाग में एवं विभाग के अधीनस्थ कार्यालय में होने वाले क्रय के समुचित पर्यवेक्षण के लिए आपके विभाग में एक इकाई का गठन किया जाए। इस इकाई में उपसचिव से अनिम्न पद श्रेणी के कम से कम एक अधिकारी हों। इकाई में विभाग में पदस्थ वित्त सेवा के अधिकारी या लेखा शाखा के प्रभारी को भी अनिवार्यतः शामिल किया जाए। यह इकाई विभाग के अधीन किए जाने वाले क्रय का समुचित रूप से पर्यवेक्षण करेगी। पत्र प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर इकाई गठन का आदेश जारी कर इस विभाग को सूचित किया जाना सुनिश्चित करें।
सभी प्रशासकीय विभाग यह सुनिश्चित करें कि विभाग में अधिक मूल्य के क्रय किये जाने वाले वस्तु/सेवा के क्रय पर विभागीय इकाई के माध्यम से समुचित पर्यवेक्षण किया जाए। विशेष रूप से ऐसी वस्तु या सेवा, जिसका क्रय एक वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का किया जा रहा है, के क्रय पर विशेष ध्यान दिया जाए। क्रय की अधिकारिता के विषय में वित्तीय अधिकारों की पुस्तिका का अवलोकन किया जाना अपेक्षित है।


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