Suspend Breaking: बिलासपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में हाई कोर्ट के आदेशों की आड़ में बड़ा खेल चलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ जिला शिक्षा अधिकारी और विभागीय कर्मचारी अदालत के आदेशों की गलत तरीके से व्याख्या कर शिक्षकों और कर्मचारियों को लाभ पहुंचा रहे हैं और इसके बदले मोटी रकम की उगाही की जा रही है।
ऐसा ही एक मामला अब मुंगेली जिले से सामने आया है, जहां पूरे विवाद के बाद एक बाबू को सस्पेंड कर दिया गया है। खास बात यह है कि निलंबन आदेश उसी जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया है, जिन्होंने पहले हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए 9 शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ दे दिया था। बाद में जब मामला डीपीआई तक पहुंचा और जांच के निर्देश जेडी को दिए गए, तब पूरे प्रकरण की परतें खुलने लगीं।
जांच के बाद जेडी ने 9 शिक्षकों की पदोन्नति को निरस्त कर दिया। इसके तुरंत बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने विधि शाखा का कार्य देख रहे सहायक ग्रेड-2 मनोज साहू को निलंबित कर दिया। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं हाई कोर्ट के आदेश से अनभिज्ञ थे, या पदोन्नति आदेश जारी करने से पहले उन्होंने आदेश का परीक्षण ही नहीं किया। या फिर पूरे मामले के उजागर होने और जेडी की कार्रवाई के बाद खुद को बचाने के लिए पूरा ठीकरा सहायक ग्रेड-2 पर फोड़ दिया गया।