रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर हाई कोर्ट में अपनी कानूनी पैरवी को लेकर बड़ा और अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने अब तक की सभी पुरानी नियुक्तियों को निरस्त करते हुए लीगल टीम का पूरी तरह पुनर्गठन कर दिया है। इसके तहत 59 विधि अधिकारियों की नई सूची जारी की गई है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार हाई कोर्ट में अपने पक्ष को और मजबूत तरीके से रखने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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दरअसल, बीते कुछ समय से राज्य की लीगल टीम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे थे। पिछले महीने महाधिवक्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शर्मा को नया महाधिवक्ता नियुक्त किया गया। इसके बाद पिछले सप्ताह अतिरिक्त महाधिवक्ता रणवीर सिंह मरहास का भी इस्तीफा सामने आया, जिससे सरकार पर कानूनी व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने का दबाव बढ़ गया। इन्हीं घटनाक्रमों के बीच सरकार ने यह बड़ा निर्णय लिया।
सरकार ने देर शाम आदेश जारी करते हुए बिलासपुर हाई कोर्ट में कार्यरत सभी पुराने लॉ अफसरों की नियुक्ति को रद्द कर दिया और उनकी जगह नई टीम की घोषणा कर दी। जारी आदेश के अनुसार नई टीम में कुल 59 अधिवक्ताओं को शामिल किया गया है। इनमें 6 अतिरिक्त महाधिवक्ता, 8 उप महाधिवक्ता, 17 शासकीय अधिवक्ता और 18 उप शासकीय अधिवक्ता शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस नए गठन से कोर्ट में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी होगी और राज्य के हितों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत किया जा सकेगा।








