बच्चों के सामने झगड़े पर शिक्षक सस्पेंड, तीन को नोटिस जारी
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बिलासपुर। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के धारासीव के एक स्कूल में दो शिक्षक क्लास रूम में सिर्फ इस बात को लेकर झगड़ पड़े कि यह पीरिएड मेरा है, कैसे आ गए। क्लास रूम के भीतर इसी बात को लेकर बच्चों के सामने झगड़ पड़े। सारी मर्यादाएं लांघते हुए एक दूसरे को गंदी-गंदी गालियां देते हुए मारपीट पर उतर आए और एक दूसरे को उठा-उठाकर पटकने लगे। दोनों शिक्षकों की हरकतें सीसीटीवी में कैद हो गया है। मामले की गंभीरता और अनुशासनहीनता को देखते हुए जेडी शिक्षा संभाग ने एक शिक्षक को निलंबित कर दिया है।

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सीसीटीवी में घटना के कैद होने के बाद डीईओ ने तत्काल एक्शन लेते हुए तीन शिक्षकों को शोकाज नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है। वहीं डीईओ की रिपोर्ट के आधार पर जेडी ने मारपीट की घटना में शामिल शिक्षक विनीत दुबे को निलंबित कर दिया है।

जिला शिक्षा अधिकारी सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पत्र. 11 सितंबर 2025 के अनुसार विनीत कुमार दुबे, शिक्षक एल.बी. शास.पू.मा.शाला धारासींव, वि.खं. बिलाईगढ़. 10 सितंबर 2025 को प्रातः विलम्ब से शाला पहुंचे व कक्षा आठवीं के द्वितीय कालखंड में जाकर उन्होंने मनोज कश्यप, संकुल समन्वयक (मूलपद शिक्षक एल.बी.) जो कि विद्यार्थियों का पढ़ा रहे थे से विवाद किया व” मेरे पीरियड तू क्यों ले रहा है” कहते हुये अपशब्दों का प्रयोग किया गया। दोनों के बीच कक्षा में मारपीट की घटना घटित हुई। जिला शिक्षा अधिकारी सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा विनीत कुमार दुबे द्वारा विलंब से शाला में उपस्थित होने व मनोज कश्यप के साथ विवाद व मारपीट करने की पुष्टि कर संबधित के विरूद्ध अनुशास्नात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया।

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विनीत कुमार दुबे का उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत कदाचार की श्रेणी में आता है। जिला शिक्षा अधिकारी सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव व छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत विनीत कुमार दुबे शिक्षक एल.बी. शास.पू.मा.शाला धारासींव वि.खं. बिलाईगढ़ को निलंबित किया जाता हैं। निलंबन अवधि में दुबे का मुख्यालय कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी बिलाईगढ़ जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ नियत किया जाता हैं। निलंबन अवधि में श्री दुबे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

DEO सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने तीन शिक्षकों को जारी किया नोटिस
DEO सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने दो शिक्षकों मानेष पाड़े, शिक्षक एलबी व देवव्रत भीष्म, शिक्षक एलबी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला धारारींव, वि.ख. बिलाईगढ़ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस में लिखा है, 10 सितंबर 2025 को आपके विद्यालय मे घटित घटना के संबंध मे आपका बयान दर्ज किया गया जिसमे दिए गए बयान के अनुसार आप शाला समय प्रातः 07:30 बजे पर उपस्थित नहीं हुए थे। जो कि उचित नहीं है। आपका उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के प्रतिकूल होना तथा अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं लापरवाही को प्रकट करता है। क्यों न आपके उक्त कृत्य के लिए आपके विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जावे ? अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण तीन दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर अद्योहस्ताक्षरी के समक्ष विद्यालयीन समय के पश्चात् प्रस्तुत करना सुनिश्चित करे। आपका स्पष्टीकरण समाधानकारक एवं संतोषजनक नहीं पाए की स्थिति मे एक पक्षीय अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी आपकी स्वयं की होगी।

मनोज कश्यप, शिक्षक एलबी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला धारासींव, वि.ख. बिलाईगढ़ को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए लिखा है,10 सितंबर 2025 को आपके विद्यालय में घटित घटना के संबंध मे सभी का बयान दर्ज किया गया है। जिसमे दिए गए बयान के अनुसार स्पष्ट होता है कि शैक्षिक समन्वयक होने के नाते आपको विद्यालय मे आपसी सामंजस्य स्थापित कर विद्यालय का संचालन किया जाना था, किन्तु आपकी उपस्थिति के बावजूद आपसी विवाद एवं मारपीट जैसे घटना घटित होने से विद्यालय मे असुरक्षा एवं विद्यार्थियों मे भय का माहौल निर्मित हुआ है।

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आपका उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के प्रतिकूल होना तथा अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं लापरवाही को प्रकट करता है। क्यों न आपके उक्त कृत्य के लिए आपके विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जावे ? अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि इस संबंध मे अपना स्पष्टीकरण तीन दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर अद्योहस्ताक्षरी के समक्ष विद्यालयीन समय के पश्चात् प्रस्तुत करना सुनिश्चित करे। आपका स्पष्टीकरण समाधानकारक एवं संतोषजनक नहीं पाए की स्थिति मे एक पक्षीय अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी आपकी स्वयं की होगी।

देखें जेडी व डीईओ का आदेश


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