Civil India News App Download
📢 Advertise With Us

प्रिंसिपल सस्पेंड: चोटी क्यों बढ़ाई, कलावा क्यों पहना?

Share on

दुर्ग। स्टूडेंट्स और स्कूल स्टाफ के धार्मिक भावनाओं और आस्था को चोट पहुंचाने वाली प्राचार्या को जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। बच्चों को धार्मिक प्रतीकों को धारण करने से मना करने के अलावा विद्यालय में कार्यरत अन्य कर्मचारियों को भी मानसिक रूप से प्राचार्या प्रताड़ित करती थी।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय की प्राचार्य लगातार स्कूल के स्टूडेंट्स के अलावा कर्मचारियों की आस्था व धार्मिक भावना के साथ खिलवाड़ कर रही थी। जिसके चलते जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट मिलने पर प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया है। मामला दुर्ग जिले के स्कूल का है। दुर्ग के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम जेआरडी शासकीय बहु. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग में एस संगीता नायर प्राचार्य के पद पर पदस्थ है। उनके ऊपर स्कूल में धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप था। जिसको जांच करके जिला शिक्षा अधिकारी ने 19 सितंबर को स्कूल शिक्षा विभाग को प्रतिवेदन भेजा था।

📢
Advertise With Us
Reach thousands of readers with Civil India News
Get Started →

Also Read – स्कूल में शराबी मेम; कलेक्टर ने किया सस्पेंड

जिला शिक्षा अधिकारी के प्रतिवेदन के अनुसार प्राचार्या एस संगीता नायर विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को धार्मिक आस्था पर चोटी काटने, तिलक लगाने एवं हाथ की कलाई में रक्षा सूत्र नहीं बांधने के संबंध में टिप्पणी की गई थी। इसके अलावा स्कूल में बनाए गए राज्य ओपन परीक्षा के शासन द्वारा नियुक्त केंद्राध्यक्ष को परीक्षा कार्य संपादन करने में सहयोग प्रदान नहीं करना, सेवानिवृत्त व्याख्याता के अवकाश लेखा से संबंधित कार्यवाही हेतु प्रस्तुत मुल पुस्तिका का निराकरण नहीं किया जाना एवं पावती नहीं दिया जाना,विद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जाना की शिकायत मिली थी।

Also Read – EOW,ACB Raid : शराब व कोल स्कैम, छत्तीसगढ़ में 10 जगहों पर EOW ने मारा छापा

📢
Advertise With Us
Reach thousands of readers with Civil India News
Get Started →


राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में लिखा है, प्राचार्या संगीता नायर के उक्त कृत्य से विद्यालय एवं संकुल में असंतोष का वातावरण व्याप्त हो गया है। प्रिंसिपल द्वारा पदीय दायित्व के निर्वहन में घोर लापरवाही ,उदासनिता एवं स्वेच्छाचारिता परिलक्षित होती है। नायर के उक्त कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम तीन के विपरीत गंभीर कदाचार मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग नियत किया गया है।


Share on
Civil India News App Download
Also Read
Loading latest news...
```

About Civil India News

© 2026 Civil India. All Rights Reserved. Unauthorized copying or reproduction is strictly prohibited
error: Content is protected by civil India news, Civil India has all rights to take legal actions !!