CG High Court News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में एक शिक्षक ने अपने मामले की पैरवी खुद करते हुए अदालत के सामने अपना पक्ष रखा। पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मस्तूरी में पदस्थ हिंदी व्याख्याता संजय कुमार पांडेय की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर और स्कूल प्राचार्य को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता के आवेदन पर कानून के अनुसार तीन सप्ताह के भीतर फैसला लिया जाए।
शिक्षक ने कोर्ट को बताई पूरी स्थिति
याचिकाकर्ता संजय कुमार पांडेय ने अदालत को बताया कि जनवरी 2025 में अपने चाचा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उन्होंने अवकाश लिया था। बाद में स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे तय समय पर ड्यूटी जॉइन नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि मेडिकल सर्टिफिकेट, फिटनेस प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज पंजीकृत डाक और स्पीड पोस्ट के जरिए स्कूल प्रबंधन को भेजे गए थे। बाद में सभी दस्तावेज व्यक्तिगत रूप से भी जमा किए गए, लेकिन अब तक उनके चिकित्सा अवकाश आवेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। याचिकाकर्ता का आरोप है कि फरवरी, मार्च और अप्रैल 2025 का वेतन भी रोक दिया गया है।
राज्य सरकार ने कोर्ट में क्या कहा?
राज्य सरकार की ओर से पेश शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि शिक्षक द्वारा प्रस्तुत आवेदन अभी विचाराधीन है। यदि आवेदन लंबित है, तो नियमानुसार उस पर निर्णय लिया जाएगा।
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई जस्टिस पी.पी. साहू की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने कहा कि किसी भी कर्मचारी द्वारा दिए गए आवेदन पर निष्पक्ष तरीके से विचार करना संबंधित प्राधिकरण की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने डीईओ बिलासपुर और विद्यालय प्राचार्य को निर्देश दिया कि शिक्षक के मेडिकल लीव आवेदन पर शीघ्र निर्णय लिया जाए और आदेश की प्रति मिलने से तीन सप्ताह के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए। अदालत ने यह भी कहा कि यदि अवकाश स्वीकृत होता है, तो उसके बाद लंबित वेतन भुगतान की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाए।
रिट याचिका में शिक्षक की मांगें
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से मांग की थी कि रोके गए तीन महीने के वेतन का भुगतान ब्याज सहित कराया जाए। साथ ही मानसिक, आर्थिक और समय की क्षति को देखते हुए क्षतिपूर्ति देने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी देने की मांग की गई थी।
इन पक्षकारों को बनाया गया प्रतिवादी
- छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग
- संचालक लोक शिक्षण संचालनालय (DPI)
- जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर
- प्राचार्य, पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मस्तूरी