CG Teacher News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड में सुशासन तिहार के दौरान मिली शिकायत पर बड़ी कार्रवाई हुई है। शासकीय प्राथमिक शाला मटियारी में पदस्थ सहायक शिक्षिका सुपर्णा टेंगवार को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया गया है कि 8 जून 2026 को ग्राम नगोई में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में ग्राम पंचायत मटियारी के सरपंच ने शिक्षिका के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत में विद्यालय का माहौल खराब करने, बच्चों और शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
जांच में सही पाए गए गंभीर आरोप
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीईओ ने जांच कराई। जांच रिपोर्ट में शिक्षिका के खिलाफ कई गंभीर आरोप प्रमाणित पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार शिक्षिका पर—
- कक्षा तीसरी के छात्र को चप्पल से पीटने
- बच्चों से पैसों की मांग करने
- बच्चों को गाली-गलौज और थूकने जैसी गलत बातें सिखाने
- सहकर्मियों का मोबाइल से वीडियो बनाकर मानसिक प्रताड़ना देने
- शासकीय जनगणना कार्य में बाधा डालने
- बच्चों का परीक्षा परिणाम और अपार आईडी बनाने से इंकार करने
जैसे आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि शिक्षिका का व्यवहार शैक्षणिक वातावरण और बच्चों के मानसिक विकास के लिए बेहद घातक है।
पहले भी हो चुकी थी कार्रवाई
विभागीय जानकारी के अनुसार शिक्षिका के खिलाफ पूर्व में भी शिकायतें मिली थीं। तब विभाग ने उनकी एक वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की थी।
बीईओ के प्रस्ताव पर डीईओ ने किया निलंबित
विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) बिल्हा के प्रस्ताव के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सुपर्णा टेंगवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
बिल्हा ब्लॉक में दूसरी बड़ी कार्रवाई
बता दें कि हाल ही में सुशासन तिहार के दौरान हरदीकला में आयोजित शिविर में मिली शिकायत के बाद सहायक शिक्षक ओंकार सिंह श्याम को भी निलंबित किया गया था। उन पर बिना सूचना अनुपस्थित रहने का आरोप था।
डीईओ के आदेश में क्या कहा गया
डीईओ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षिका का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत पाया गया है। विद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और पालकों के साथ दुर्व्यवहार एवं अभद्र भाषा के प्रयोग की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई है।