CG News: पेंड्रा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सेमरा स्थित डीडी अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल के सामने शव रखकर गौरेला-पेंड्रा मुख्य मार्ग जाम कर दिया। घंटों तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। गुस्साए लोगों ने अस्पताल के बाहर खड़े कुछ वाहनों में तोड़फोड़ भी कर दी।
पढ़िए क्या है पूरा मामला?
बेंदरचुआ गांव निवासी 22 वर्षीय गर्भवती महिला ज्योति चौधरी को 11 जून को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल गौरेला ले जाया गया था। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बिलासपुर सिम्स रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि बिलासपुर ले जाते समय जोगीसार के पास एंबुलेंस चालक को सेमरा स्थित डीडी अस्पताल से फोन आया। इसके बाद एंबुलेंस को वापस मोड़कर महिला को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान बच्चे की मौत हो गई, जबकि महिला का इलाज जारी रखा गया।
दो लाख रुपये जमा कराने का बनाया दबाव
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने लगातार पैसे जमा कराने का दबाव बनाया। 16 जून को दो लाख रुपये जमा कराने के बाद महिला को गंभीर हालत में बिलासपुर सिम्स रेफर किया गया। अगले दिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। महिला और उसके बच्चे की मौत से गुस्साए परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे और अस्पताल के मुख्य गेट के सामने रखकर सड़क जाम कर दिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गलत इलाज और पैसे वसूली का आरोप लगाया।
अस्पताल के बाहर बढ़ता गया आक्रोश
सड़क जाम की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। अस्पताल प्रबंधन और एंबुलेंस चालक की कथित सांठगांठ को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ता गया। ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, अस्पताल को सील करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प की स्थिति बन गई। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।
भीड़ के दबाव में लौटाए गए दो लाख रुपये
लगातार बढ़ते विरोध और नाराजगी के बीच अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को इलाज के नाम पर लिए गए दो लाख रुपये वापस कर दिए। नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जलान की मौजूदगी में राशि परिजनों को सौंपी गई।
अस्पताल को सील करने की मांग
मृतका के पति संतराम चौधरी ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और संबंधित निजी अस्पताल को सील करने की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है।