बेमेतरा। राज्य प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी प्रेमलता पद्माकर के सरकारी आवास पर बुधवार तड़के एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने अचानक छापा मारकर तहलका मचा दिया। प्रेमलता पद्माकर 2014 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर हैं और फिलहाल बेमेतरा जिला पंचायत की सीईओ के पद पर तैनात हैं।
सुबह-सुबह जब एसीबी की गाड़ियों का काफिला न्यू सर्किट हाउस के पीछे अफसर कॉलोनी स्थित उनके आवास पर पहुंचा, तो इलाके में हलचल बढ़ गई। टीम ने बंगले के अंदर प्रवेश कर दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी। एसीबी की कार्रवाई को सीधे तौर पर बहुचर्चित RI प्रमोशन घोटाले से जोड़ा जा रहा है।
प्रेमलता पद्माकर इससे पहले उपायुक्त भू-अभिलेख (Deputy Commissioner Land Records) के पद पर भी काम कर चुकी हैं, और यहीं से राजस्व निरीक्षक (RI) पदोन्नति परीक्षा की पूरी प्रक्रिया संचालित हुई थी। इसी वजह से उनके आवास पर छापे को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
सुबह 6 बजे से जारी तलाशी, पुलिस बल तैनात
एसीबी की कार्रवाई सुबह लगभग 6 बजे शुरू हुई। टीम के आने के बाद आवास के बाहर जिला पुलिस का भी बल तैनात किया गया। बंगले में मौजूद दस्तावेजों और फ़ाइलों की गहन जांच की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि एसीबी टीम दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, पुराने नोटिंग्स और प्रमोशन प्रक्रिया से जुड़े संभावित साक्ष्यों की खोज कर रही है।
RI प्रमोशन घोटाले से जुड़ा है बड़ा रिश्ता
यह वही घोटाला है जो पिछले कई महीनों से सुर्खियों में बना हुआ है। आरोप है कि पटवारी से राजस्व निरीक्षक बनाने की पदोन्नति परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली की गई थी।
मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
- परीक्षा से पहले कई पटवारियों को एक जगह बिठाकर प्रश्नपत्र हल करवाना
- 10-10 लाख रुपये लेकर चयन की डील
- प्रश्नपत्र लीक कराकर पैसे देने वालों को ही पास करवाना
- एक ही परिवार के 22 सदस्यों का चयन
- एक ही रोल नंबर को कई उम्मीदवारों में बांटना
- ओएमआर शीट पर मोबाइल नंबर लिखवाकर गोपनीयता तोड़ना
आज पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ रेड
आज तड़के एसीबी ने प्रदेशभर में दर्जनभर से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
जिनके यहां छापे मारे गए उनमें शामिल हैं:
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- राजस्व विभाग के अफसर
- पटवारी से जुड़े कर्मचारी
- प्रमोशन परीक्षा से जुड़े अधिकारी
- प्रश्नपत्र छापने वाले प्रिंटर
राजस्व विभाग का यह पूरा नेटवर्क अब जांच के घेरे में है।
क्यों महत्वपूर्ण है प्रेमलता पद्माकर पर छापा
प्रेमलता पद्माकर न सिर्फ जिला पंचायत सीईओ हैं, बल्कि उसी कार्यालय से जुड़ी पदस्थापना में रहीं जहां से प्रमोशन परीक्षा आयोजित हुई थी। इस वजह से एसीबी का यह छापा जांच की दिशा को काफी आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है। एसीबी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
- प्रमोशन प्रक्रिया में उनका कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष हस्तक्षेप था या नहीं
- परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों में उनकी भूमिका क्या थी
- किन-किन अधिकारियों के बीच समन्वय से यह पूरा खेल हुआ
क्या आने वाले दिनों में और बड़े नाम सामने आएंगे?
एसीबी की आज की कार्रवाई को शुरुआती चरण माना जा रहा है। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह घोटाला काफी बड़ा है और इसमें कई प्रभावशाली नामों के शामिल होने की आशंका है। दस्तावेजों की जांच के बाद और भी अफसरों पर कार्रवाई संभव है।








