ACB RAID अंबिकापुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड शिक्षा कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 गौतम सिंह आयम को रिश्वत मामले में विशेष न्यायालय ने दोषी करार दिया है। माननीय विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बलरामपुर ने आरोपी को 3 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
पढ़िए क्या था पूरा मामला?
प्रार्थी नितेश रंजन पटेल, पिता मदन मोहन पटेल, उम्र 31 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर-05 ग्राम ओदरी, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज ने 3 अगस्त 2024 को एसीबी कार्यालय अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि वह पूर्व माध्यमिक शाला ढढ़िया, संकुल कछिया, विकासखंड वाड्रफनगर में भृत्य के पद पर कार्यरत है। प्रार्थी को वर्ष 2013 से 2017 तक का करीब 92 हजार रुपए एरियर्स भुगतान होना था, लेकिन वर्ष 2024 तक राशि जारी नहीं की गई थी। एरियर्स भुगतान के संबंध में जब वह विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय वाड्रफनगर में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 गौतम सिंह आयम से मिला, तब आरोपी ने सेवा पुस्तिका का सत्यापन कर बिल तैयार कर कोष लेखा एवं पेंशन कार्यालय अंबिकापुर में जमा कराने के बदले रिश्वत की मांग की।

सत्यापन में सही पाई गई रिश्वत की शिकायत
एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान आरोपी गौतम सिंह आयम ने प्रार्थी से कहा कि “सभी लोग 12-12 हजार रुपए दे रहे हैं, तुम्हें भी 12 हजार रुपए देना पड़ेगा, तभी तुम्हारा काम होगा।” शिकायत सही पाए जाने के बाद एसीबी ने 13 अगस्त 2024 को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। टीम ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय वाड्रफनगर में कार्रवाई करते हुए आरोपी को प्रार्थी से 12 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
कोर्ट में चालान पेश, सुनाई गई सजा
मामले की विवेचना पूरी होने के बाद 8 अक्टूबर 2024 को आरोपी के खिलाफ विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बलरामपुर-रामानुजगंज में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने 15 मई 2026 को आरोपी गौतम सिंह आयम को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।