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अवमानना के घेरे में फंसे दो आईएएस अफसरों को हाई कोर्ट ने किया तलब, जारी किया जमानती वारंट

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बिलासपुर। न्यायालयीन आदेश की अवहेलना के आरोप में याचिकाकर्ता ने छत्तीसगढ़ के दो आईएएस अफसरों के खिलाफ हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। शुक्रवार को अवमानना याचिका पर सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने आईएएस अफसर मनोज कुमार पिंगुआ और किरण कौशल को पांच हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने दोनों अफसरों को अगली सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने का आदेश भी जारी किया है।

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छत्तीसगढ़ सरकार के दो आईएएस अफसरों की मुश्किलें बढ़नी वाली है। अदालत के निर्देशों का पालन करने में रुचि ना लेना और निर्देशों की अवहेलना करना अब भारी पड़ने लगा है। याचिकाकर्ता शासकीय कर्मचारी है। शासकीय कर्मचारी की याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने राज्य शासन को याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर तय प्रक्रिया के तहत विचार करने और आदेश का परिपालन करने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता द्वारा लगातार अभ्यावेदन और स्मरण पत्र देने के बाद भी जब शासन स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तब दोनों आईएएस अफसरों पनर न्यायालयीन आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए याचिकाकर्ता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। शुक्रवार को अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। न्यायालयीन आदेश की अवहेलना को लेकर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए जमानती वारंट जारी कर दिया है।

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जुर्माना और सजा का है प्रावधान

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न्यायालय अवमानना अधिनियम धारा 12 के तहत न्यायालयीन आदेश की अवहेलना के आरोप में अवमानना के घेरे में फंसने वाले अफसरों के खिलाफ जुर्माना और सजा का प्रावधान किया गया है। अधिनियम के तहत संबंधित व्यक्ति पर दो हजार रुपये का जुर्माना या छह महीने की सजा या फिर दोनों सजा साथ-साथ सुनाई जा सकती है।


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