रायपुर। आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस), थाना रायपुर ने देर रात्रि में विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के पाकिस्तान आधारित मॉड्यूल द्वारा भारत में अस्थिरता फैलाने एवं आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित करने के उद्देश्य से साइबर स्पेस में सक्रिय फर्जी और छद्म पहचान वाले सोशल मीडिया अकाउंट संचालित किए जा रहे थे।
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इन हैंडलरों द्वारा इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से भारतीय युवाओं और किशोरों को बरगलाने, भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने तथा उग्र हिंसा, कट्टरपंथीकरण और जिहादी विचारधारा का प्रसार किया जा रहा था।उक्त मॉड्यूल से जुड़े पाकिस्तानी हैंडलरों ने नाबालिग भारतीय किशोरों को अपने इंस्टाग्राम ग्रुप चैट में जोड़कर उनका व्यवस्थित कट्टरपंथीकरण किया तथा उनके माध्यम से ISIS की विचारधारा और हिंसक भड़काऊ सामग्री के प्रसार का प्रयास किया। किशोरों को छत्तीसगढ़ में ISIS का मॉड्यूल खड़ा करने हेतु प्रेरित किए जाने के साक्ष्य भी सामने आए। एटीएस और संबद्ध जांच एजेंसियों की सतर्कता तथा निरंतर साइबर निगरानी के फलस्वरूप ISIS-प्रभावित दो किशोरों की पहचान की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनके विरुद्ध विधि अनुसार आवश्यक कार्रवाई की गई है।








