फ्रॉड कर बनाई प्रापर्टी, पुलिस ने कुर्क की संपत्ति

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बिलासपुर। BNSS भारतीय न्याय संहिता की विशेष धाराओं का उपयोग करते हुए बिलासपुर पुलिस ने संपत्ती कुर्क करने की प्रदेश में पहली कार्रवाई की है। जिसके तहत एफआईआर के मात्र 10 दिनों के भीतर ही लोगों के साथ ठगी करने वाले आरोपी की संपत्ति कुर्क करने के लिए प्रतिवेदन भेजा है। ठगी के रकम से अर्जित संपत्ति को पुलिस ने कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।

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हीरानंद भगवानी, नायरा भगवानी एवं मुरली लहजा के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में सात सितंबर को अपराध दर्ज किया गया कि उन्होंने 100 से अधिक निर्दोष व्यक्तियों को “40 दिन में राशि दोगुनी” होने का प्रलोभन देकर 1 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नायरा भगवानी एवं मुरली लहजा को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी हीरानंद भगवानी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने ठगी से प्राप्त धन से ग्राम तिफरा में 1200 वर्ग फीट का भू-खंड 25 लाख 80 हजार रुपये में खरीदा। बिलासपुर पुलिस ने इस संपत्ति को अपराध की आय घोषित कर BNSS की धारा 107 के अंतर्गत कुर्क करने हेतु न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है। BNSS की धारा 107 पुलिस को यह विशेषाधिकार देती है कि अपराधियों की अवैध कमाई को कुर्क कर उन्हें आर्थिक दृष्टि से पंगु बनाया जा सके। इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अपराध का प्रतिफल अपराधियों के किसी उपयोग में न आए तथा पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके।

एसआई यादव को पुरस्कार देने एसएसपी ने की घोषणा
इस प्रकरण की विवेचना कर रहे उप निरीक्षक विष्णु यादव को उनके उत्कृष्ट अन्वेषण कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने पुरस्कार की घोषणा की है। एसएसपी ने कहा, बिलासपुर पुलिस अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरत रही है।

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नहीं चली चालाकी, महिला के नाम पर खरीदी थी संपत्ति, अब होगी कुर्की
मुख्य आरोपी हीरानंद भगवान ने लोगों से ठगी कर रकम अर्जित की। लोगों का विश्वास जीतने के लिए पहले रुपए भी दोगुना कर लौटाए। फिर बड़ी मात्रा में लोगों से रकम इकट्ठा कर फरार हो गया। आरोपी इतना शातिर है कि उसने ठगी की रकम से जमीन खरीदी। कानून के शिकंजे से बचने के लिए उसने एक महिला के नाम से यह जमीन खरीदी थी। पुलिस को विवेचना में जानकारी मिली कि महिला का उक्त जमीन को रजिस्ट्री करवाने के मात्र पांच दिनों पहले ही खाता खुला है और आरोपी ने उसमें रकम ट्रांसफर की है। वही रकम जमीन खरीदी में प्रयुक्त हुई है। पुलिस ने उक्त जमीन को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


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