दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने स्वास्थ्य, स्वच्छ ऊर्जा और उपभोक्ता जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं। बजट में कैंसर पीड़ित मरीजों, दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे लोगों, इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर एनर्जी सेक्टर के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को सीधी राहत देने वाले फैसले किए गए हैं। खासतौर पर कैंसर की जीवन रक्षक दवाओं को कस्टम ड्यूटी से मुक्त करने का फैसला बजट की सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण घोषणाओं में शामिल है।
कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाएं होंगी सस्ती
बजट 2026 में केंद्र सरकार ने कैंसर के इलाज में उपयोग होने वाली 17 जीवन रक्षक दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा की है। इसके साथ ही 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली आयातित दवाओं और विशेष पोषण आहार (स्पेशल फूड) को भी ड्यूटी फ्री कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से उन मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अब तक महंगी विदेशी दवाओं पर निर्भर थे और इलाज का खर्च वहन करना उनके लिए बेहद कठिन था।
EV बैटरी और सोलर पैनल होंगे सस्ते
स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी और सोलर पैनल निर्माण से जुड़े कई इनपुट्स को टैक्स फ्री कर दिया है। लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए आवश्यक कच्चे माल पर अब कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। इसके अलावा सोलर ग्लास बनाने में उपयोग होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर भी ड्यूटी हटा दी गई है। इन फैसलों से देश में सोलर पैनल और EV बैटरी का उत्पादन सस्ता होगा और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
माइक्रोवेव ओवन और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स होंगे सस्ते
घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को भी राहत दी गई है। माइक्रोवेव ओवन बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ खास कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी घटा दी गई है। इससे आने वाले समय में माइक्रोवेव ओवन और इससे जुड़े घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में कमी आने की संभावना है।
जूते, कपड़े और एक्सपोर्ट सेक्टर को बढ़ावा
एक्सपोर्ट को मजबूत करने के लिए सरकार ने समुद्री उत्पाद, लेदर और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए भी घोषणाएं की हैं। सी-फूड एक्सपोर्ट के लिए ड्यूटी फ्री इनपुट की सीमा 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दी गई है। लेदर और सिंथेटिक जूतों के साथ-साथ अब शू अपर्स के निर्यात पर भी टैक्स छूट का लाभ मिलेगा। इससे रोजगार बढ़ने और भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत होने की उम्मीद है।
विदेशी सामान मंगाना होगा सस्ता
बजट 2026 में व्यक्तिगत उपयोग के लिए विदेश से सामान मंगाने वालों को भी राहत दी गई है। सरकार ने ऐसे सामान पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। इससे विदेश से निजी उपयोग की वस्तुएं मंगाने की लागत कम होगी और आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
Union Budget: रक्षा से टैक्स और रेल से हेल्थ तक… बजट 2026 की 15 बड़ी बातें
- रक्षा बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसमें सेना के आधुनिकीकरण पर खास फोकस है. रक्षा बलों के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए रखे गए हैं. पिछले साल यह आंकड़ा 1.80 लाख करोड़ रुपये था. नए हथियारों, उपकरणों और तैयारियों को इससे मजबूती मिलेगी.
- इनकम टैक्स स्लैब जस का तस
टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समयसीमा बढ़ा दी गई है. अब टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर की जगह 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकेंगे.
- 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
देश में सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी शामिल हैं.
- लड़कियों के लिए हॉस्टल योजना
करीब 800 जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे. हर जिले में कम से कम एक हॉस्टल बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
- कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती
कैंसर की 17 जरूरी दवाओं को आयात शुल्क से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है. इसके अलावा 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर भी कोई ड्यूटी नहीं लगेगी.
- टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए खोला खजाना
5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया गया है.
- स्कूल-कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब
देशभर में 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाई जाएंगी, ताकि डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा मिल सके.
- 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS और मेडिकल टूरिज्म हब
तीन नए आयुर्वेदिक एम्स खोले जाएंगे. साथ ही मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए देश में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे.
- ग्रामीण महिलाओं के लिए शी-मार्ट्स
ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए SHE (सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर) मार्ट्स शुरू किए जाएंगे, जहां महिलाएं अपने उत्पाद बेच सकेंगी.
- खेलो इंडिया मिशन को नया विस्तार
खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 साल के लिए मजबूत किया जाएगा. इसके तहत प्रशिक्षण केंद्र बनेंगे, कोच और सपोर्ट स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं व लीग आयोजित होंगी.
- मेडिकल टूरिज्म के लिए हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स
पांच मेडिकल हब में निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी. यहां आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक सुविधाएं, पोस्ट-केयर और रिहैब सेंटर विकसित किए जाएंगे, जिससे हेल्थ सेक्टर में रोजगार बढ़ेगा.
- टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव
मोटर एक्सीडेंट क्लेम की रकम को इनकम टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है. नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. सरल टैक्स फॉर्म पेश किए जाएंगे ताकि आम लोग आसानी से रिटर्न भर सकें. ओवरसीज टूर पैकेज और शिक्षा-चिकित्सा खर्च पर टैक्स 5% से घटाकर 2% किया गया है. 20 लाख रुपये तक की विदेश में संपत्ति न बताने पर अब पेनाल्टी नहीं लगेगी.
- पूर्वोत्तर पर फोकस, बौद्ध सर्किट बनेगा
अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटर भी बनाए जाएंगे.
- आयुर्वेद और योग को वैश्विक पहचान
उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा. अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थ प्रोफेशनल और 1.5 लाख केयरगिवर्स तैयार किए जाएंगे. आयुर्वेद के तीन नए एम्स, दवाओं की टेस्टिंग के लिए नेशनल लैब और जामनगर में WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर बनाया जाएगा.
- CNG और बायोगैस सस्ती
बजट में CNG और बायोगैस को सस्ता करने का ऐलान किया गया है. इससे CNG से चलने वाले वाहनों के उपयोगकर्ताओं को सीधी राहत मिलेगी.



























