CG Education News: शासन के निर्देशों की अनदेखी पड़ी भारी, जानिए क्यों हुई कार्रवाई

Share on

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शासकीय निर्देशों के बावजूद प्रमाण-पत्र निर्माण में लापरवाही बरतने पर 15 संकुल शैक्षिक समन्वयकों (CAC) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब और प्रगति नहीं मिलने की स्थिति में वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

राज्य शासन ने निर्देश दिए थे कि स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के जाति, निवास और आय प्रमाण-पत्र स्कूल स्तर पर ही बनाए जाएं, ताकि पात्र छात्रों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। जिले के अधिकांश ब्लॉकों में यह कार्य प्रगति पर है, लेकिन बिल्हा ब्लॉक में गंभीर लापरवाही सामने आई है।

15 संकुलों में एक भी प्रमाण-पत्र नहीं बना

बिल्हा ब्लॉक में कुल 59 संकुल हैं। जांच में पाया गया कि इनमें से 15 संकुलों में अब तक एक भी छात्र का जाति प्रमाण-पत्र नहीं बनाया गया। यह स्थिति तब है, जब इस संबंध में पहले भी पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए जा चुके थे। इस लापरवाही के कारण कक्षा 6वीं से 12वीं तक के कई पात्र विद्यार्थी महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजनाओं से वंचित रह गए।

इन संकुलों पर गिरी गाज

टेकर, सिरगिट्टी, सिंघरी, राजेन्द्रनगर, मल्टीपरपज, मटियारी, महारानी लक्ष्मीबाई, कोनी, गोढ़ी, धौराभाठा, बिरकोना, बिजौर, बरतोरी, बालक चकरभाठा और अमलडीहा—इन सभी संकुलों में प्रमाण-पत्र निर्माण का कार्य शून्य पाया गया। संबंधित संकुल शैक्षिक समन्वयकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

बीईओ का सख्त संदेश

बीईओ बिल्हा भूपेंद्र कौशिक ने कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी प्रमाण-पत्र निर्माण न करना गंभीर लापरवाही है। 15 संकुलों में एक भी प्रमाण-पत्र न बनना चिंताजनक है। सभी संबंधित समन्वयकों से जवाब मांगा गया है और यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो वेतन रोकने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों के हित से जुड़ा यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


Share on
Also Read
Loading latest news...
```

About Civil India News

© 2026 Civil India. All Rights Reserved. Unauthorized copying or reproduction is strictly prohibited
error: Content is protected by civil India news, Civil India has all rights to take legal actions !!