CG News: गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार के दौरान ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर की मांग लेकर पहुंचे एक आदिवासी दंपति जिला पंचायत CEO के पैरों पर गिर पड़े। यह पूरा मामला देवभोग ब्लॉक के माडागांव में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर का है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक देवभोग ब्लॉक के बरही गांव के रहने वाले विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के दंपति लंबे समय से पीएम आवास के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में जब उन्होंने जिला पंचायत CEO को देखा तो सीधे उनके पैरों पर गिर पड़े और आवास दिलाने की गुहार लगाने लगे। मौके पर मौजूद लोग यह दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए। कुछ देर तक शिविर में सन्नाटा पसरा रहा।
CEO ने दिए जांच के निर्देश
घटना के बाद जिला पंचायत CEO ने दंपति को आश्वासन दिया और:
- जनपद CEO
- ग्राम पंचायत सचिव
को मामले की तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
शिविर में और भी शिकायतें
माडागांव शिविर में कई ग्रामीणों ने पीएम आवास योजना से जुड़ी शिकायतें रखीं। लोगों का कहना था कि:
- सूची में नाम होने के बावजूद आवास नहीं मिला
- राशि जारी नहीं हुई
- कई मामलों में काम अधूरा पड़ा है
पहले भी सामने आ चुका है फर्जीवाड़ा
देवभोग क्षेत्र में हाल ही में पीएम आवास योजना में कथित फर्जी जियो टैगिंग और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं।