CG News: जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा स्थित पीएमश्री शासकीय कन्या प्राथमिक शाला का मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्कूल की प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज पर बच्चों को हिंदू संस्कृति के खिलाफ भड़काने और धर्मांतरण के लिए प्रभावित करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों और हिंदू संगठनों का आरोप है कि स्कूल की प्रार्थना सभा में बच्चों को राष्ट्रगान “जन गण मन” के बजाय “गॉड इज ग्रेट” जैसे धार्मिक वाक्य सिखाए जा रहे थे। मामला सामने आने के बाद इलाके में भारी नाराजगी फैल गई।
शिकायतें होती रहीं, विभाग चुप रहा
ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की शिकायत कई बार शिक्षा विभाग से की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग मामले को दबाने में लगा रहा। स्थिति तब बदली जब 7 मई को ग्राम भिलाई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने खुलकर यह मुद्दा उठाया। शिविर में मामला गूंजते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया और जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया।

थाना तक पहुंचा मामला
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना बलौदा में भी कार्रवाई की गई है। लोक शांति भंग होने की आशंका पर बीएनएसएस की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप
जांच में स्कूल की अनुदान राशि में गड़बड़ी के आरोप भी सामने आए हैं।
आरोप है कि:
- स्कूल प्रबंधन समिति की राशि का उपयोग बिना अनुमति किया गया
- बाद में समिति से अनुमोदन लेने की कोशिश हुई
- 2021-22 से 2023-24 तक समग्र शिक्षा मद की राशि में फर्जी बिल-वाउचर लगाए गए
- रिश्तेदारों के नाम पर पीपीओ जारी कर राशि आहरित की गई
इन मामलों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन विभाग के अनुसार जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
डीईओ का आदेश
जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है और यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत लक्ष्मी देवी भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बलौदा निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।