CG Teacher News: रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई की है। राज्य सरकार और मंडल ने 79 शिक्षकों को दंडित करते हुए उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश जारी किया है। मंडल की परीक्षा समिति की 17 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में लिए गए फैसले के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
कॉपी जांच में भारी गड़बड़ी का आरोप
माध्यमिक शिक्षा मंडल के अनुसार, वर्ष 2025 की हाईस्कूल परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रदेश के 36 केंद्रों में कराया गया था। जांच के दौरान कई मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा गंभीर लापरवाही सामने आई। कुछ मामलों में पुनर्मूल्यांकन या परीक्षण के दौरान छात्रों के अंकों में 20 से 40 नंबर तक की बढ़ोतरी पाई गई। इसी को गंभीर त्रुटि मानते हुए संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है।
3 साल तक बोर्ड के काम से रहेंगे बाहर
मंडल ने जिन शिक्षकों को पहली श्रेणी की गलती में शामिल किया है, उन्हें तीन साल तक बोर्ड के किसी भी पारिश्रमिक कार्य से वंचित रखने का फैसला लिया है। यानी ये शिक्षक अगले तीन वर्षों तक मूल्यांकन, परीक्षा ड्यूटी या मंडल से जुड़े अन्य भुगतान वाले कार्य नहीं कर सकेंगे।
इंक्रीमेंट रोकने की भी सिफारिश
इसके साथ ही संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभाग को एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की अनुशंसा भी भेजी गई है। सरल शब्दों में कहें तो संबंधित शिक्षकों की एक इंक्रीमेंट रोकी जाएगी, हालांकि इसका भविष्य की वेतन गणना पर स्थायी असर नहीं पड़ेगा।
मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठे सवाल
बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इस बार अंकों में बड़ी विसंगति सामने आने के बाद मंडल ने इसे गंभीर मानते हुए कार्रवाई की है। शिक्षा विभाग का कहना है कि मूल्यांकन कार्य में लापरवाही से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ता है, इसलिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।