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CG Vidhansabha Session: 30 अप्रैल को विधानसभा का सत्र, गरमाने लगी प्रदेश की राजनीति

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CG Vidhansabha Session: रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्यपाल रमेन डेका ने 30 अप्रैल 2026 को विधानसभा सत्र बुलाने की अधिसूचना जारी की है। विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना में इस विशेष सत्र के लिए शासकीय कार्य का उल्लेख किया गया है। विधानसभा सत्र की घोषणा के साथ ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच तीखी बहस के संकेत मिल रहे हैं।

क्यों अहम माना जा रहा है यह सत्र

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30 अप्रैल को बुलाए गए इस विधानसभा सत्र को राष्ट्रीय राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हाल ही में लोकसभा में पेश 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका था। इस विधेयक को महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा महत्वपूर्ण बिल माना जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भाजपा शासित राज्यों से इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा कराने की रणनीति बनाई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में यह सत्र बुलाया गया है।

महिला आरक्षण पर हो सकती है बड़ी बहस

माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान महिला आरक्षण बिल और उसके संसद में पारित नहीं होने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने होंगे।

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सदन में:

  • भाजपा विपक्ष पर बिल रोकने का आरोप लगाएगी
  • कांग्रेस सरकार और भाजपा की नीयत पर सवाल उठाएगी
  • महिला आरक्षण, परिसीमन और सामाजिक न्याय पर बहस होगी

संसद में क्यों नहीं पास हुआ बिल

अप्रैल 2026 में लोकसभा में पेश 131वां संविधान संशोधन विधेयक को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका।

बताया गया:

  • पक्ष में वोट: 298
  • विरोध में वोट: 230

यह बिल 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ रहा था, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई थी।

भूपेश बघेल ने भाजपा पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा, RSS और केंद्र सरकार पर हमला बोला।

उन्होंने कहा:

  • भाजपा महिलाओं को नेतृत्व देने की बात करती है, लेकिन शीर्ष पदों पर अवसर नहीं देती
  • कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण की समर्थक रही है
  • अगर पहले भाजपा ने विरोध नहीं किया होता तो कानून बहुत पहले बन चुका होता

उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर भी राजनीतिक कटाक्ष किया।

भाजपा का प्रदेशव्यापी आंदोलन

महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ जन आंदोलन की रणनीति बनाई है।

कार्यक्रम इस प्रकार बताए गए हैं:

  • 20 अप्रैल से विरोध प्रदर्शन शुरू
  • 23 और 24 अप्रैल को जन आक्रोश महिला सम्मेलन
  • 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन

पीएम मोदी ने मांगी माफी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने पर महिलाओं से माफी मांगी।

उन्होंने कहा:

  • माताओं-बहनों से क्षमा चाहता हूं
  • कुछ दलों ने राजनीति को देशहित से ऊपर रखा
  • महिलाओं के अधिकारों को नुकसान पहुंचा है

30 अप्रैल को क्या होगा

अब सभी की नजर 30 अप्रैल को होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र पर है। माना जा रहा है कि यह सत्र केवल शासकीय कार्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिला आरक्षण और राष्ट्रीय राजनीति के मुद्दे पर जोरदार टकराव देखने को मिल सकता है।


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