रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज एक ऐतिहासिक पल दर्ज हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की नई विधानसभा भवन का लोकार्पण किया। यह अवसर न केवल एक नए भवन के उद्घाटन का था, बल्कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और लोकतांत्रिक परंपरा के स्वर्ण अध्याय का प्रतीक भी बन गया। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर राज्य की प्रगति, संस्कृति, और राजनीति में समर्पण की मिसाल बने विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह की सराहना की।

मोदी ने अपने भाषण में राजनीति और क्रिकेट का दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहा—
“क्रिकेट में हम देखते हैं कि कोई खिलाड़ी कप्तानी छोड़कर भी टीम के लिए पूरी निष्ठा से खेलता है। लेकिन राजनीति में ऐसा उदाहरण बहुत दुर्लभ है। डा. रमन सिंह ने यह दुर्लभ मिसाल कायम की है। उन्होंने सच्चे कार्यकर्ता की तरह पार्टी और जनता की सेवा की है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दिन स्वर्णिम शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि इस भूमि से उनका गहरा संबंध रहा है—
“एक कार्यकर्ता के रूप में मैंने इस पवित्र भूमि पर बहुत समय बिताया है। यहां के लोगों और इस माटी ने मेरे जीवन को दिशा दी है। मैं छत्तीसगढ़ की परिकल्पना से लेकर उसके निर्माण का साक्षी रहा हूं। आज जब राज्य अपनी 25वीं वर्षगांठ पर यह आधुनिक विधानसभा भवन प्राप्त कर रहा है, तो यह केवल एक इमारत नहीं बल्कि जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक है।”

संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय संविधान के अमृत वर्ष का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा—
“रविशंकर शुक्ला, बैरिस्टर घनश्याम गुप्ता और किशोरीलाल जैसे मनीषियों ने बाबा साहेब आंबेडकर के साथ संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाई। यह छत्तीसगढ़ की उस प्रतिभा का प्रमाण है जिसने सीमित संसाधनों के बावजूद दिल्ली तक अपनी पहचान बनाई।”
उन्होंने कहा कि यह नई विधानसभा उस लोकतांत्रिक परंपरा की नई अभिव्यक्ति है, जो भारत के संविधान की आत्मा में बसती है।
लोकतंत्र का नया तीर्थस्थल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नई विधानसभा केवल एक भव्य इमारत नहीं, बल्कि “लोकतंत्र का तीर्थस्थल” है।
“यह भवन पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा की भावना का प्रतीक बनेगा। यहां लिए गए निर्णय आने वाले दशकों तक छत्तीसगढ़ के भाग्य का निर्धारण करेंगे।”
उन्होंने कहा कि जो राज्य कभी नक्सलवाद और पिछड़ेपन से पहचाना जाता था, वही अब ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे आयोजनों से चर्चा में है। “आज बस्तर में विकास और शांति की नई लहर लौट आई है, यह छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर है,” पीएम ने कहा।
अटलजी के सपनों का छत्तीसगढ़
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो उठे जब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का नाम लिया—
“अटलजी देखिए, आपका सपना साकार हो रहा है। आपका बनाया हुआ छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास से भरा है और विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।”
उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण का निर्णय केवल प्रशासनिक कदम नहीं था, बल्कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ की आत्मा को पहचान देने का संकल्प था। इस मौके पर अटलजी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया।
संस्कृति और संत परंपरा की झलक
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भवन छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा की झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा—
“यहां की दीवारों पर बाबा गुरुघासीदास के ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश अंकित है। हर दरवाजे में माता सबरी की आत्मीयता झलकती है और हर कुर्सी में संत कबीर की सच्चाई बसती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर आर्ट की सुंदर झलक इस विधानसभा में देखने को मिलती है। “कुछ महीने पहले थाईलैंड के प्रधानमंत्री को मैंने बस्तर आर्ट भेंट की थी, जिससे छत्तीसगढ़ की कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली,” उन्होंने जोड़ा।
श्रीराम का ननिहाल, छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री मोदी ने भावनात्मक स्वर में कहा—
“यह भूमि भगवान श्रीराम का ननिहाल है, यह माता कौशल्या की माटी है। यहां श्रीराम के आदर्शों को याद करना सबसे पवित्र क्षण है। हमने राम से राष्ट्र कल्याण और सुशासन का संकल्प लिया है। हमारा लक्ष्य रामराज्य के उस आदर्श को साकार करना है, जहां कोई गरीब या दुखी न हो।”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दिन ऐतिहासिक है—
“आज प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मोदी का आगमन हमारे लिए गर्व का विषय है। यह दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। डा. रमन सिंह के अनुभव और मार्गदर्शन से विधानसभा नई ऊंचाइयां छू रही है। हमारी सरकार मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए समर्पित है।”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सराहना

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छत्तीसगढ़ विधानसभा की मर्यादा और परंपरा की सराहना करते हुए कहा—
“छत्तीसगढ़ विधानसभा ने लोकतंत्र में मर्यादा, विश्वास और अनुशासन का मानक स्थापित किया है। यह भवन न केवल विकास का केंद्र बनेगा, बल्कि जनता की आस्था का प्रतीक भी रहेगा।”
लोकतंत्र, संस्कृति और विकास का संगम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—
“छत्तीसगढ़ का यह नया विधानसभा भवन केवल ईंटों से नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं से बना है। यह राज्य की संस्कृति, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का प्रतीक है।”
इस तरह आज का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में “लोकतंत्र, संस्कृति और विकास के त्रिवेणी संगम” के रूप में दर्ज हो गया।
डा. रमन सिंह के समर्पण और प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों ने यह स्पष्ट कर दिया कि नया छत्तीसगढ़ सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि सेवा, स्वाभिमान और समृद्धि की नई परिभाषा है।








