कमीशनखोर बाबू को हटाने कलेक्टर का निर्देश

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बिलासपुर। शिक्षक से मेडिकल बिल पास करने की एवज में बीईओ कार्यालय के लिपिक ने रिश्वत की मांग की थी। जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद भविष्य में दोबारा ऐसी गलती करने पर कार्यवाही की चेतावनी देते हुए बाबू को को बहाल कर दिया। बहाली के बाद डीईओ बिलासपुर ने उसी जगह पर पदस्थ कर दिया। नाराज कलेक्टर ने कमीशनखोर बाबू को अन्यत्र पदस्थ करने का आदेश डीईओ को दिया है।

शिक्षा विभाग के बाबू ने शिक्षक से मेडिकल बिल पास करने की एवज में 10 प्रतिशत की रिश्वत मांगी थी। मामले में शिक्षक की शिकायत के बाद बाबू को निलंबित कर दिया गया था। वही निलंबन से बहाली होने पर डीईओ ने उक्त बाबू को उसी जगह में पदस्थापना दे दी। मामला संज्ञान में आने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इसे काफी गंभीरता से लिया और डीईओ को निर्देशित किया है कि बाबू को पुरानी जगह से हटाकर अन्यत्र पदस्थ किया जाए।

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मस्तूरी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला खपरी में पदस्थ सहायक शिक्षक संतोष कुमार साहू ने मेडिकल रीइंबर्समेंट के लिए बिल विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय मस्तूरी में जमा किया था। सहायक ग्रेड टू के पद पर पदस्थ बाबू सीएस नौरके ने मेडिकल क्लेम का बिल पास करने के एवज में 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। शिक्षक ने जब रिश्वत देने से इनकार कर दिया तब बाबू ने उनका बिल अटका दिया। शिक्षक डीईओ और कलेक्टर संजय अग्रवाल से कमीशनखोर बाबू की लिखित के साथ ही बातचीत का आडियो पेश करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।

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शिकायत की जांच के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर डीईओ ने सहायक ग्रेड टू सीएस नौरके को निलंबित कर दिया था। इसी बीच डीईओ ने कमीशनखोर बाबू को बहाल कर दिया। अचरज की बात ये कि बाबू के खिलाफ दोषसिद्ध होने के बाद भी डीईओ ने उसी जगह दोबारा ज्वाइनिंग का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के बाद डीईओ का अजीबो-गरीब बयान आया था। तब डीईओ ने कहा था कि मस्तूरी बीईओ कार्यालय में कोई दूसरा बाबू जाना नहीं चाहता।

कलेक्टर ने डीईओ को लगाई फटकार

कलेक्टर संजय अग्रवाल के संज्ञान में मामला आने के बाद नाराज कलेक्टर ने डीईओ को जमकर फटकार लगाई है। नाराज कलेक्टर ने कमीशनखोर बाबू को बीईओ कार्यालय मस्तूरी से हटाकर अन्यत्र पदस्थापना का आदेश जारी किया है।

दो बीईओ पर लटकी कार्रवाई की तलवार

फर्जी मेडिकल बिल के मामले में बिल्हा ब्लॉक के विकासखंड शिक्षा अधिकारी रहे दो पूर्व बीईओ के खिलाफ भी कार्यवाही हेतु डीईओ ने डीपीआई को पत्र भेजा है। इसके अलावा बिल्हा ब्लॉक पौंसरा संकुल समन्वयक साधेलाल पटेल और उनकी शिक्षिका पत्नी राजकुमारी पटेल द्वारा अपना और रिश्तेदारों का फर्जी मेडिकल बिल बना क्लेम ले गबन के मामले में एफआईआर के लिए कोतवाली थाने में शिकायत की गई है पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है।

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