कोल स्कैम: IAS ने प्रापर्टी में किया इन्वेस्ट
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रायपुर। 570 करोड़ से अधिक के कोल घोटाले से मिले रकम को IAS से लेकर नेताओं ने अपने अपने तरीके से इन्वेस्ट किया है। ED की चार्जशीट के अनुसार आईएएस अफसरों ने घोटाले से मिले रकम से प्रापर्टी बनाई। नेताओं ने अधिकांश रकम चुनाव में खर्च कर दिए। एक नेताजी ने पत्नी के लिए हर भी खरीदा है।

छत्तीसगढ़ कोल लेव्ही घोटाला में ED की चार्जशीट में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। 570 करोड़ के घोटाले में 8 नेता और चुनिंदा अफसर सबसे ज्यादा फायदे में रहे। घोटाले की रकम से अफसरों और नेताओं ने बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी खरीदी। ज्वेलरी में भी इन्वेस्ट किया। चुनाव में लाखों रुपए खर्च किये।

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स्पेशल कोर्ट में पेश ED की चार्जशीट के अनुसार कोल लेव्ही स्कैम के मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी से सौम्या चौरसिया ने 169 किश्तों में 31 करोड़ लिए, निलंबित IAS रानू साहू ने 13 किश्त में 5.52 करोड़ रुपए लिए। विधायक देवेंद्र यादव को 11 किश्तों में 3 करोड़ रुपए मिले। देवेंद्र यादव ने घोटाले के एवज में मिली रकम को खैरागढ़ उप चुनाव और UP चुनाव में खर्च किया। कांग्रेस के पूर्व विधायक चंद्रदेव राय को 2 किश्त में 46 लाख रुपए मिला। 42 लाख को UP चुनाव में खर्च किया। 4 लाख रुपए में रायपुर एक ज्वेलरी शॉप से पत्नी के लिए 60 ग्राम सोने की हार खरीदा।

कोल वाशरी और ट्रांसपोर्टर्स से वसूली के बाद सूर्यकांत तिवारी अपने कर्मचारियों के माध्यम से अफसरों और नेताओं तक रकम डिलीवर किया। लेनदेन में निखिल चंद्राकर की भूमिका सबसे अहम रही। अधिकांश लोगों तक इसी ने निखिल ने ही रकम पहुंचाए।

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कोल स्कैम को इस तरह दिया गया अंजाम

  • सूर्यकांत तिवारी (मास्टरमाइंड): कोल वॉशरी, ट्रांसपोर्टर्स से वसूली। निखिल चंद्राकर को कैश डिलीवरी बॉय बनाया। ये अलग-अलग ठिकानों पर पैसै भेजता था।
  • सौम्या चौरसिया (पूर्व CM की उप सचिव): सूर्यकांत के कहने पर निखिल पैसे पहुंचाता था। सूर्यकांत के कहने पर कोल माइंस केअफसरों को फोन करती थी। काम करने ऑर्डर देती थी।
  • रानू साहू (सस्पेंड IAS): सौम्या चौरसिया और सूर्यकांत तिवारी के कहने पर उनको बताए काम को पूरा कराती थी। इसके बदले सूर्यकांत तिवारी अपने कर्मचारियों के माध्यम से पैसे दिलवाता था।
  • देवेंद्र यादव (कांग्रेस विधायक): सूर्यकांत तिवारी से पैसों को लेकर डायरेक्ट डील। निखिल चंद्राकर ने देवेंद्र तक पैसे पहुंचाए। पैसों को UP चुनाव और खैरागढ़ उपचुनाव में खपाया।
  • चंददेव राय (पूर्व विधायक): सूर्यकांत से पैसों को लेकर डायरेक्ट डील। निखिल चंद्राकर ने चंद्रदेव तक पैसे पहुंचाए। पैसों को चुनाव में खर्च किया। पत्नी के लिए गहने भी खरीदे।
  • विनोद तिवारी (कांग्रेस नेता): सूर्यकांत तिवारी से पैसों को लेकर डायरेक्ट डील। निखिल चंद्राकर ने विनोद तक पैसे पहुंचाए। खैरागढ़ चुनाव में पैसों को खर्च किया।
  • आरपी सिंह (कांग्रेस प्रवक्ता): सूर्यकांत तिवारी से पैसों को लेकर डायरेक्ट डील। कई बार पैसे लिए। पत्रकारों को शराब पिलाना, विधायकों को पार्टी देने का काम।

पैसा आता कहां से था ?

ED की चार्जशीट के अनुसार कोल स्कैम का मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी कोयला ट्रांसपोर्टिंग करने वालों से वसूली का काम करता था। कोल वाशरी संचालकों से 100 रुपए प्रति टन और वाशरी से कोयला निकलने पर 25 रुपए प्रति टन अतिरिक्त ट्रांसपोर्टिंग शुल्क वसूला जाता था। कोयले व्यवसायी सूर्यकांत तिवारी को 2 बार कमीशन देते थे। कोरबा और रायगढ़ में वसूली के लिए अलग से ऑफिस खोला गया था। वसूली की रकम सूर्यकांत तिवारी ही रखता था। नेताओं और अफसरों को डील के मुताबिक कैश भेजता था।

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किंगपिन सूर्यकांत ने किसे कितना कैश दिया


ED की चार्जशीट के मुताबिक सौम्या चौरसिया को 31 करोड़, निलंबित IAS रानू साहू को 5.52 करोड़ और विधायक देवेंद्र यादव को 3 करोड़ रुपए मिले। चंद्रदेव राय को 46 लाख रुपए मिले। कांग्रेस नेता और प्रवक्ता आरपी तिवारी ने घोटाले की रकम को गाड़ियां, प्रापर्टी और मीडिया मैनेजमेंट में खर्च किया। कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने कोल लेवी की रकम से प्रापर्टी खरीदी। खैरागढ़ उप चुनाव में कोल लेवी से मिली रकम का इस्तेमाल किया। सौम्या चौरसिया ने मां के तकरीबन 22 प्रॉपर्टी खरीदी। रानू साहू ने 13 प्रॉपर्टी खरीदी है। रानू ने ये संपत्ति अपने भाई सहित अन्य रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी है। ED ने जांच के बाद सबूतों को स्पेशल कोर्ट में पेश किया है।


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