नशे के सौदागर की 1.20 करोड़ की संपत्ति फ्रीज: बिलासपुर पुलिस ने मुंबई सफेमा कोर्ट भेजा मामला

Share on

बिलासपुर। नशे के कारोबारियों पर बिलासपुर पुलिस का प्रहार लगातार जारी है। युवाओं को नशे की लत लगाने व इस काम में धकेलने वालों की संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस ने संपत्तियों की पड़ताल की और नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति को फ्रीज करने मुंबई सफेमा कोर्ट मामला भेजा गया है। कोर्ट से आदेश मिलते ही संपत्ति फ्रीज करने का काम बिलासपुर पुलिस करेगी।

Also Read – युक्तियुक्तकरण घोटाले पर जेडी की चिट्ठी से DEO दफ्तर में हलचल

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया, बिलासपुर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट NDPS ACT की धारा 68-एफ के तहत एक बड़ी कार्यवाही की है। इस कार्रवाई में आरोपी अजय चक्रवर्ती द्वारा अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर फ्रीज किया गया है। आरोपी अजय चक्रवर्ती के विरुद्ध बिलासपुर एवं जबलपुर जिले में एनडीपीएस एक्ट के कई गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धनराशि को वैध दिखाने के लिए आरोपी ने अपनी पत्नी एवं एक परिचित महिला के नाम पर भूमि खरीदी और मकान निर्माण कराया था।


यह कार्रवाई वर्ष 2021 में आरोपी अजय चक्रवर्ती के विरुद्ध तोरवा थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक प्रकरण की वित्तीय जांच करने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के द्वारा निर्देशित करने पर पुनः प्रारंभ करने के परिणामस्वरूप की गई। फ्रीज की गई संपत्तियों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1.20 करोड़ है। यह संपत्तियां आवासपारा सिरगिट्टी एवं टिकरापारा, जिला बिलासपुर में स्थित हैं। संपूर्ण कार्रवाई के बाद संपत्ति को SAFEMA न्यायालय को भेजा गया है।

Also Read – एमडीएम में बच्चों की सुरक्षा: चीफ सिकरेट्री ने जारी किया खाद्य सुरक्षा प्रोटोकाल

SSP ने नगद पुरस्कार की घोषणा
सिरगिट्टी थाना के प्रधान आरक्षक प्रभाकर सिंह ने इस मामले में गहन जांच पड़ताल की और बेनामी धन से अर्जित संपत्ति का खुलासा किया है। उनके इस योगदान पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ने उन्हें नगद पुरस्कार की घोषणा की है।

अब तक सात करोड़ की संपत्ति की गई है फ्रीज
अब तक बिलासपुर जिले में कुल 6 प्रकरणों में 17 व्यक्तियों की अवैध संपत्तियां चिन्हित कर फ्रीज की गई हैं। जिनकी अनुमानित कीमत तकरीनब 7 करोड़ रुपये है।


Share on
Also Read
Loading latest news...
```

About Civil India News

© 2026 Civil India. All Rights Reserved. Unauthorized copying or reproduction is strictly prohibited
error: Content is protected by civil India news, Civil India has all rights to take legal actions !!