बिलासपुर । जांजगीर जिले के कलेक्टर रहने के दौरान यौन शोषण और जातिगत प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एक महिला ने आईएएस जनक प्रसाद पाठक के खिलाफ दुष्कर्म और एक्ट्रोसिटी एक्ट के मामले में एफआईआर दर्ज करवाई थी। जिसका ट्रायल विशेष न्यायाधीश जांजगीर चांपा जिले में चल रहा है। आईएएस अफसर ने स्पेशल कोर्ट से प्रदेश के किसी अन्य कोर्ट में केस ट्रांसफर करने के लिए हाई कोर्ट याचिका दायर की थी। सुनवाई के वक्त उनके वकील अदालत में उपस्थित नहीं हो पाये । जिसके चलते चीफ जस्टिस की सिंगल बेंच ने याचिका खारिज कर दी।
दुष्कर्म के मामले में दर्ज प्रकरण का ट्रायल कोर्ट चेंज करवाने आईएएस अधिकारी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में जांजगीर-चांपा जिले में चल रहे दुष्कर्म के ट्रायल को प्रदेश के किसी अन्य जिले की कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी। पर सुनवाई के वक्त आईएएस अधिकारी के अधिवक्ता नहीं पहुंचे। जिसके चलते हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
Also Read – नौगाम थाने में धमाका: जब्त विस्फोटक की जांच के दौरान 8 पुलिसकर्मी झुलसे
आईएएस जनक प्रसाद पाठक के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर जांजगीर- चांपा में दुष्कर्म और एक्ट्रोसिटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। मामला वर्तमान में जांजगीर- चांपा की एक्ट्रोसिटी कोर्ट में लंबित है। आईएएस ने हाईकोर्ट में ट्रांसफर पिटीशन क्रिमिनल लगाई थी, इसमें अपने खिलाफ चल रहे मामले को जांजगीर- चांपा के स्पेशल कोर्ट से प्रदेश के किसी अन्य कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी।
Also Read – झारखंड एसीबी ने छत्तीसगढ़ के डिस्टलरी मालिक को किया गिरफ्तार
शुक्रवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच में मामला सुनवाई के लिए आया, इस दौरान पाठक की तरफ से पैरवी करने के लिए कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। न ही किसी ने मामले की तारीख आगे बढ़ाने की ही मांग की। इस आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने आदेश में लिखा है कि बार-बार बुलाने के बावजूद भी आवेदक के वकील उपस्थित नहीं हुए। ऐसा महसूस होता है कि आवेदक को मामले को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं है।