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छत्तीसगढ़ के सेजेस स्कूलों में डेपुटेशन वाले प्रिंसिपल सरकारी आदेश के बाद भी पूर्णकालिक प्राचार्य को नहीं सौंप रहे चार्ज

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रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों की बेपरवाही का आलम ये कि छत्तीसगढ़ में संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ विद्यालयों में पूर्णकालिक प्राचार्यों की पदस्थापना के बाद भी प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे प्रिंसिपल अब तक स्कूलों में जमे हुए हैं। इस गड़बड़ी के चलते पदोन्नति के बाद सेजेस स्कूल में जिन व्याख्याताओं को प्रिंसिपल के पद पर पदस्थ किया है, ज्वाइनिंग के बाद भी चार्ज नहीं मिला है। आलम ये कि पूर्णकालिक प्रिंसिपल खाली बैठे हैं और प्रतिनियुक्ति पर गए प्रिंसिपल मौज कर रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में इस तरह की गफलत सामने आई है। डीईओ दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा द्वारा डीपीआई को लिखे पत्र से इस बात का खुलासा हो रहा है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम में प्रभारी प्राचार्य के पद पर प्रतिनियुक्त प्राचार्यों को उनके मूल पदस्थापना संस्था के लिए रिलीव करने के संबंध में अनुमति मांगी है। डीईओ ने पत्र में लिखा है कि छग शासन, स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय के 29 अगस्त .2025 के आदेश द्वारा प्राचार्य पदोन्नति कर संस्थाओं में पदस्थापना की गई है। जिसमें दंतेवाड़ा, जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम स्कूल दंतेवाड़ा एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम स्कूल कुआकोण्डा में प्राचार्यों की पदस्थाना की गई है। उक्त आदेश के परिपालन में संबंधित संस्थाओं में नियमित प्राचार्यों द्वारा अपनी उपस्थिति दिया जाकर कार्यभार ग्रहण कर लिया गया है।

छग शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के 22 मई.2020 के आदेश द्वारा सरिता श्रीवास, व्याख्याता, शा०उ०मा०वि० बारसूर, विकासखण्ड गीदम, जिला दन्तेवाड़ा को स्वामी आत्मानदं उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम स्कूल दन्तेवाड़ा में प्रभारी प्राचार्य के पद पर नियुक्त किया गया था एवं छ०ग० शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के 08 अप्रैल 2022 के द्वारा प्रीशी एक्का, व्याख्याता, शा०क० उ०मा०वि० कुआकोण्डा, विकासखण्ड कुआकोण्डा, जिला दन्तेवाड़ा को स्वामी आत्मानदं उत्कृष्ठ अंग्रेजी माध्यम स्कूल कुआकोण्डा में प्रभारी प्राचार्य के पद पर नियुक्त किया गया था। वर्तमान में उक्त दोनों संस्थाओं में नियमित प्राचार्यों की नियुक्ति हो गई है।

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अतः उक्त संस्थाओं में कार्यरत प्रभारी प्राचार्यों का प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उनके मूल पदस्थ संस्था के लिए भारमुक्त किये जाने हेतु प्रस्ताव आपकी ओर सादर संप्रेषित है। दन्तेवाड़ा, दिनांक 09/09/2025: 30 अप्रैल 2025 के आदेश के तहत 1335 व्याख्याता,व्याख्याता (एल.बी.) एवं प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक शाला) को प्राचार्य, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पद पर पदोन्नत किया गया था। 01 अगस्त .2025 के द्वारा पदोन्नत प्राचार्यों के पदस्थापना की प्रक्रिया निर्धारित की गई थी।राज्य शासन द्वारा इन व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) एवं प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक शाला) को ओपन काउंसिलिंग हेतु निर्धारित प्रक्रिया के तहत पदस्थापना आदेश जारी किया गया। पदोन्नत प्राचार्यों को 10 दिवस के भीतर अपनी नवीन पदांकित संस्था में कार्यभार ग्रहण करने की शर्त रखी गई थी। आदेश पर गंभीरता से अमल करने की हिदायत भी दी थी।

बस्तर के अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी ऐसे ही स्थिति

इस तरह की गड़बड़ी अकेले बस्तर में ही नहीं हो रही है, छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इस तरह का खेला हो रहा है। प्रतिनियुक्ति पर सेजेस में प्रिंसिपल की कुर्सी पर काबिज शिक्षक सब-कुछ जानने समझने के बाद भी पदोन्नति पर आए प्रिंसिपल को कार्यभार नहीं सौंप रहे हैं। इसके चलते एक स्कूल में दो-दो प्रिंसिपल नजर आ रहे हैं। शासन के आदेश पर जिन व्याख्याताओं को प्रमोशन देकर प्रिंसिपल बनाकर भेजा गया है वे अब भी संबंधित स्कूलों में बिना काम के बैठे हुए हैं।

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