बिलासपुर। किसानों व आम लोगों के समर्थन में पांच सूत्रीय मांग को लेकर तत्कालीन जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी व शहर अध्यक्ष विजय पांडेय की अगुवाई में हुए कलेक्टोरेट घेराव के दौरान सीएम की फोटो के साथ बदसुलूकी का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा ने सिविल लाइन थाने का घेराव कर दोनों जिलाध्यक्षों के खिलाफ एफआईआर की मांग की थी। युवा मोर्चा के दबाव में सिविल लाइन पुलिस ने जिलाध्यक्षों के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया था। जिसके विरोध में आज कांग्रेसजनों ने विरोध रैली निकालकर जमकर खिलाफत की। कांग्रेस भवन से सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन रैली की शक्ल में सिविल लाइन थाने पहुंचे व थाने का घेराव कर दिया। थाने के बाहर दो घंटे से भी अधिक समय तक बैठकर धरना दिया और एफआइआर का जमकर विरोध किया।
सिविल लाइ थाने के बाहर बैठे कांग्रेसजन राज्य की भाजपा सरकार पर बदले की भावना से राजनीति करने का आरोप लगाते रहे। पुलिस को जरिया बनाकर शांतिपूर्ण आंदोलन के बाद भी सीएम के बहाने एफआइआर दर्ज करा दी गई। कांग्रेसजनों का आरोप था कि जनहित के मुद्दे पर कांग्रेस के प्रभावशााली आंदोलन से राज्य की भाजपा सरकार डर गई है। वास्वतिक मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। इसलिए युवा मोर्चा को सामने लाकर इस तरह की दूषित राजनीति खेली गई और एफआइआर कराया गया। एफआइआर के पीछे आगे आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से होने वाले प्रभावी आंदोलनों को कुचलने का खेल खेला गया है। राज्य सरकार यह जान ले कि कांग्रेस डरने वालों में से नहीं है।
इनकी अगुवाई में निकली रैली
नवनियुक्त शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री , तत्कालीन ज़िला अध्यक्ष द्वय विजय केशरवानी,विजय पांण्डेय, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, रश्मि आशीष सिंह, पूर्व महापौर रामशरण यादव ,पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन की अगुवाई में कांग्रेस भवन से विरोध रैली सिविल लाइन थाने के लिए कूच की। कांग्रेस भवन से निकली विरोध रैली में तखतपुर,सकरी ,बिल्हा, तिफरा,सिरगिट्टी, बिलासपुर ,बेलतरा,सीपत,मस्तूरी ,मल्हार, रतनपुर, कोटा से हजारों की संख्या में कांग्रेसजन व महिलाएं भी शामिल हुई ।
छावनी में तब्दील हो गया था सिविल लाइन थाना
कांग्रेस के विरोध रैली को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सिविल लाइन थाने को छावनी में तब्दील कर दिया था। थाना परिसर के भीतर और बाहर बड़ी संख्या में पुलिस के अफसर और जवान तैनात थे। परिसर के बाहर महिला पुलिस कर्मियों की भीड़ भी नजर आई। थाने का गेट बंद कर दिया गया था और गेट के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। कांग्रेसजन थाने के बाहर सड़क पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की।
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एंबुलेंस को दिया रास्ता
इसी बीच दो एम्बुलेंस आ गई, सड़क पर बैठे कांग्रेसजनों ने उठ कर रास्ता दिया और फिर सड़क पर बैठकर आंदोलन करते रहे।
विजय केशरवानी और विजय पांडेय ने दी गिरफ्तारी
पुलिस अफसरों की पहल पर तत्कालीन जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी और शहर अध्यक्ष विजय पांडेय अफसरों के साथ थाने गए व अपनी गिरफ्तारी दी। जब तक विजय केशरवानी और विजय पांडेय थाना परिसर में मौजूद रहे तब तक सड़क पर बैठे कांग्रेस जमकर नारेबाजी करते रहे। नगर निगम के घेराव के दौरान लक्ष्मी साहू व गायत्री साहू के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज किया गया था. आज इन्होंने भी गिरफ्तारी दी है.
27 नवम्बर का कलेक्टोरेट का घेराव शांतिपूर्ण था। कहीं भी कोई अप्रिय घटना न हुई न संभावना थी। फिर भी पुलिस प्रशासन ने जानबूझ कर वाटर केनन का प्रयोग किया और तत्कालीन ज़िलाध्यक्षों पर एफआईआर करके डराने की कोशिश की है। कांग्रेसजन डरने वाले नहीं है।
सिद्धांशु मिश्रा, अध्यक्ष शहर कांग्रेस कमेटी बिलासपुर
पुलिसआंदोलन पर एफआईआर करने लगेगी तो फिर आमजन अपनी मांग भी सरकार से नहीं कर सकते। जन मुद्दों पर आंदोलन करना जनता का अधिकार है उसे भी छीनने की कोशिश हो रही है। तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्षों ने जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन किया था न कि निजी स्वार्थ को लेकर जो उनका अधिकार है।
महेंद्र गंगोत्री, अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर
जनहित के मुद्दों के लिए हजार बार जेल जाना कुबूल
जनहित के मुद्दों को लेकर हमने प्रभावी आंदोलन किया था। आंदोलन में उमड़ी भीड़ को देखकर भाजपा के स्थानीय नेताओं के हाथ पांव फूल गए थे। वे इसे पचा नहीं पाए। दो साल की भाजपा सरकार के कामकाज जनता के सामने है। ना सड़क बनी और ना ही लोगों को सुविधाएं मिल रही है। कांग्रेस सरकार ने बिजली आधा कर दिया था,उसे खत्म कर जनता पर आर्थिक बोझ डालने का काम भाजपा सरकार ने किया है। इन मुद्दों को लेकर हमने प्रभावी आंदोलन किया। जनता के मुद्दों को हम बार-बर उठाते रहेंगे। इसके लिए अगर जेल भी जाना पड़े तो वह भी कुबूल है।
विजय केशरवानी, निर्वतमान जिला अध्यक्ष बिलासपुर
ऊंची दुकान फीका पकवान है
भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें ऊंची दुकान फीका पकवान है। हर क्षेत्रो में असफल है, इसलिए अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए विपक्ष पर एफआइआर करा रही है। कल दुर्ग में भी कांग्रेसियों पर लाठी चार्ज किया गया। जबकि एसआइआर में लगे बीएलओ पर प्रशासन और भाजपा के नेताओं द्वारा दबाव बनाना गलत है। जिसकी शिकायतें लगातार कांग्रेस कमेटी को मिल रही है। देश मे 30 से अधिक बीएलओ ने आत्महत्या कर लिया है। बीएलओ अपना काम कर रहे हैं उन्हें दिन और घण्टे का टारगेट देना गलत है।
विजय पांडेय, निवर्तमान शहर अध्यक्ष बिलासपुर








