रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव विकास शील से भेंट कर परामर्शदात्री समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग रखी थी। मुख्य सचिव ने सभी स्तरों पर परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित करने हेतु शासन स्तर से दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया था। फेडरेशन के पत्र के अनुसार शासन द्वारा परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित करने संबंधी आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी किया गया है। संचालनालय स्तर पर परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित होने के उपरांत राज्य स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की जाएगी।
इस विभाग के संदर्भित परिपत्र द्वारा विभागाध्यक्ष स्तरीय संयुक्त परामर्शदात्री समिति के गठन, कार्यक्षेत्र तथा कार्यकलाप संबंधी निर्देश प्रसारित किये गये हैं। शासन के ध्यान में यह तथ्य आया है कि, उक्त समिति की नियमित बैठक आयोजित करने हेतु प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रही है। विभाग एवं विभागाध्यक्ष स्तर पर संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक 15 दिसंबर 2025 तक अनिवार्यतः आयोजित करें। आयोजित बैठक में अधिकारी, कर्मचारी संघों (राज्य शासन से पत्राचार हेतु मान्यता प्राप्त अधिकारी, कर्मचारी संघ की सूची संलग्न) से प्राप्त ज्ञापन में उल्लेखित मांग बिन्दुओं का नियमानुसार निराकरण करें। संयुक्त परार्शदात्री समिति की आयोजित की जाने वाली उक्त बैठक का कार्यवाही विवरण तत्काल विभाग को प्रेषित करने कहा गया है।
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विभागाध्यक्ष स्तर पर संयुक्त परामर्शदात्री समिति का गठन
शासन तथा शासकीय कर्मचारियों के बीच के संबंध सौहार्द्रपूर्ण होने चाहिए तथा उन संबंधों को और अधिक दृढ़ बनाने के लिए, पारस्परिक हितों के मामलों में उन्हें मिल-जुल कर काम करना चाहिए, ताकि ऐसे सहयोग के फलस्वरुप एक और कर्मचारियों में संतोष की भावना जागृत हो और दूसरी ओर उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि हो। इस उद्देश्य से राज्य शासन ने विभागाध्यक्षीय संयुक्त परामर्शदात्री समिति के गठन का निर्णय लिया है। इन समितियों में वर्तमान में पत्राचार हेतु अस्थायी मान्यता प्राप्त संगठनों को तय मापदंडाें के अनुसार प्रतिनिधित्व दिया जाये। संबंधित विभाग के विभागध्यक्ष समिति के अध्यक्ष होंगे।
शासन पक्ष के 3 एवं शासन द्वारा नामांकित वर्गवार 3 सदस्य का मनोनयन समिति के अध्यक्ष द्वारा किया जायेगा। ऐसे संघ जिन्हे आपके विभाग हेतु पत्राचार की मान्यता दी गई है, केवल उनके ही प्रतिनिधि सदस्य होंगे। कर्मचारी संघ अपने प्रतिनिधित्व का नामजद करेंगे। किंतु दाेबारा नामजद किये जाने पर कोई रोक नहीं होगी। मृत्यु, सेवानिवृत्ति, पदत्याग, स्थानांतरण आदि के कारण रिक्त पद शेष अवधि के लिए भरे जायेंगे। कोई संघ, अपने ऐसे प्रतिनिधियों को बदल सकता है, जो वार्षिक चुनावों या अविश्वास प्रस्ताव जैसी अनिवार्य स्थिति के फलस्वरुप उसकी पदाधिकारी न रहे हों। समिति के कार्यक्षेत्र में सेवा तथा कार्य की शर्तों, कर्मचारियों के कल्याण और दक्षता तथा कार्य के स्तर में सुधार से संबंधित समस्त मामलों पर सलाह देना सम्मिलित है, बशर्ते कि भर्ती, पदोन्नति, तथा अनुशासन के संबंध में सलाह सामान्य सिद्धांतों के मामलों तक सीमित रहेगी, तथा वैयक्तिक मामलों पर विचार नहीं किया जायेगा।
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तीन महीने में एक बैठक अनिवार्य
एक समिति की साधरण बैठक आवश्यकतानुसार बुलाई जायेगी और तीन महीनें में कम से कम एक बैठक बुलाई जायेगी। बैठक की सूचना समस्त सदस्यों को बैठक की तारीख से 10 दिन पूर्व सूचित की जानी चाहिए। जहां तक संभव हो समिति की प्रत्येक बैठक में अगली बैठक की तारीख नियत कर दी जायेगी। समिति की विशेष बैठक अध्यक्ष अपनी इच्छा से या शासकीय पक्ष या कर्मचारी पक्ष के निवेदन पर बुला सकेगी। ऐसी बैठक की सूचना सभी सदस्यों को बैठक की तारीख से 10 दिन पहले भेजी जायेगी।
समिति की प्रत्येक बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष द्वारा की जायेगी। और उनकी अनुपस्थिति में अध्यक्ष द्वारा नामजद ऐसा प्रतिनिधि, अध्यक्षता करेगा। अध्यक्ष स्वयं की प्रेरणा से या किसी सदस्य के अनुरोध पर तथा अभिलिखित किये गये कारणों से संबंधित तथा विचाराधीन विषय का विशेष ज्ञान रखने वाले किसी अन्य शासकीय कर्मचारी को किसी विशेष अवसर पर समिति की बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित कर सकेगा। आमंत्रित व्यक्ति समिति का सदस्य नहीं माना जायेगा। यदि कोई सदस्य बैठक की कार्यसूची में किसी विषय को सम्मिलित कराना चाहे, तो जहां आवश्यक हो, वहां स्पष्टीकरणात्मक ज्ञापन के साथ उस विषय की सूचना अध्यक्ष या उसके द्वारा नाम निर्दिष्ट किसी अधिकारी को बैठक के कम से कम 4 सप्ताह पूर्व देगा। यदि सुझाया गया विषय
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समिति के विचार क्षेत्र के अंतर्गत आता है, तो अध्यक्ष उसको कार्यसूची में सम्मिलित किये जाने का आदेश देगा। यदि सदस्य द्वारा सुझाया गया कोई विषय कार्यसूची में सम्मिलित नहीं किया जाता है तो इस तथ्य तथा उसके कारणों की सूचना संबंधित सदस्य को दी जायेगी। बैठक की कार्यसूची की सूचना बैठक की तारीख से 10 दिन पूर्व सभी सदस्यों को दी जायेगी। विशेष बैठक की कार्यसूची की सूचना बैठक की सूचना के साथ साथ ही दी जायेगी। कार्यसूची में सम्मिलित न किए गए विषय पर केवल अध्यक्ष की अनुमति से विचार किया जा सकेगा। समिति द्वारा किसी भी प्रकार निपटाये गये विषयों को कार्यसूची में आगामी 12 माह तक तब तक सम्मिलित नहीं किया जायेगा, जब तक कि किसी विशेष कारण का अध्यक्ष अन्यथा निर्देश न दें।
बैठक के कार्यवृत्त का प्रारुप बैठक में अध्यक्ष के निर्देशों के अधीन तैयार किया जायेगा। उसके पश्चात कार्यवृत्त का प्रारुप सदस्यों में घुमाया जायेगा। समिति अपनी पिछली बैठक के कार्यवृत्तों का भी पुनर्विलोकन करेगी। जिससे कि पहले लिये गये निर्णयों के कार्यान्वयन के संबंध में की गई प्रगति से अवगत हुआ जा सके। विभागाध्यक्षीय परामर्शदात्री समिति / श्रेणीवार गठित समिति की सिफारिशों की सूचना समुचित कार्यवाही के लिए शासन को दी जायेगी।








