जांजगीर। शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में प्रोफेसर के अपहरण और लूट के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड शिक्षक, एक सीएफ जवान, दो अन्य आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार हुआ सीएफ जवान लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा था।
घटना 28 नवंबर की है, जब प्रोफेसर रामकुमार सिंह कंवर को आरोपियों ने फोन कर खरौद बुलाया और योजनाबद्ध तरीके से अगवा कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने प्रोफेसर से 25 लाख रुपये की मांग की तथा मारपीट करते हुए उनका न्यूड वीडियो बनाकर धमकी दी कि यदि रकम नहीं दी तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। दबाव बनाकर आरोपियों ने प्रोफेसर के बैंक खाते से 14 लाख रुपये निकलवा भी लिए। हालांकि प्रोफेसर की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह पूरी राशि वापस बैंक में जमा करा दी गई।
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शिकायत दर्ज होते ही पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर शिवरीनारायण थाना टीम सक्रिय हो गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप और एसडीओपी चांपा यदुमणि सिदार के मार्गदर्शन में अलग-अलग टीमें गठित कर घटनास्थल की जांच की गई और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। तकनीकी व मानवीय सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान हुई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया
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गिरफ्तार आरोपियों में करन दिनकर (29 वर्ष, खाल्हेपारा भवतरा), अरुण मनहर (19 वर्ष, कुथुर, थाना पामगढ़), श्यामजी सिन्हा (24 वर्ष, अंबेडकर चौक रहसबेड़ा, अकलतरा) और कार्तिकेश्वर रात्रे (35 वर्ष, खैरा, कसडोल, बलौदाबाजार) शामिल हैं। इनके साथ एक नाबालिग भी इस जघन्य अपराध में शामिल पाया गया है। सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 140(2), 308(2), 309(6) और 61(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की आगे जांच जारी रखे हुए है, ताकि गैंग की अन्य कड़ियों और संभावित साजिशों का भी पता लगाया जा सके।








