राज्य सरकार ने मेडिकल पीजी एडमिशन में किया बड़ा बदलाव, संस्थागत आरक्षण व ओपन मेरिट के लिए 50-50 प्रतिशत सीटें की तय
Share on

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी (MD–MS) एडमिशन प्रक्रिया में राज्य सरकार ने बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव कर दिया है। अब तक लागू डोमिसाइल आधारित आरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करते हुए सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब PG प्रवेश में संस्थागत आरक्षण और ओपन मेरिट, दोनों के लिए 50-50 प्रतिशत सीटें निर्धारित रहेंगी। एक दिसंबर को इसे राजपत्र में प्रकाशित कर छत्तीसगढ़ मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट प्रवेश नियमों में संशोधन लागू कर दिया गया है। यह बदलाव बिलासपुर हाई कोर्ट के उस निर्णय के बाद किया गया है, जिसमें डोमिसाइल आरक्षण को असंवैधानिक करार देकर रद्द कर दिया गया था। याचिका डॉ. समृद्धि दुबे ने दायर की थी—जो छत्तीसगढ़ की मूल निवासी हैं, लेकिन MBBS उन्होंने राज्य से बाहर किया और डोमिसाइल नियम के कारण अपने राज्य में PG नहीं कर पा रही थीं। हाई कोर्ट के आदेश और अब गजट नोटिफिकेशन के बाद उनके साथ-साथ हजारों छात्रों के लिए छत्तीसगढ़ में PG पढ़ने का रास्ता खुल गया है।

Also Read – मौसाजी होटल समूह में GST का छापा, देर रात तक दस्तावेज खंगालते रहे अफसर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की पड़ताल

50% संस्थागत आरक्षण और 50% ओपन मेरिट, नई व्यवस्था लागू

राज्य सरकार ने अधिसूचना नंबर RULE-801/205/2025/MED के माध्यम से MD–MS एडमिशन के नियम 11 में बड़ा संशोधन किया है। नियम 11 (क) और (ख) को पूरी तरह हटाकर नए उपनियम (क), (ख), (ग) और (घ) जोड़े गए हैं। इसके तहत अब कुल सीटों को दो भागों में विभाजित किया गया है, 50% संस्थागत आरक्षण और 50% ओपन कैटेगरी (ओपन मेरिट)। संस्थागत आरक्षण के तहत वे अभ्यर्थी शामिल होंगे जिन्होंने छत्तीसगढ़ के NMC मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों से MBBS किया है या वे सेवारत अभ्यर्थी हैं। इन सीटों पर मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, दूसरी 50% सीटें ओपन कैटेगरी में होंगी और इन पर राज्य स्तरीय मेरिट सूची के आधार पर सभी पात्र अभ्यर्थी प्रवेश ले सकेंगे, चाहे उन्होंने MBBS छत्तीसगढ़ से किया हो या राज्य के बाहर से। यदि संस्थागत आरक्षण की सीटें खाली रहती हैं, तो मॉपअप राउंड में उन्हें ओपन कैटेगरी में परिवर्तित कर दिया जाएगा। दोनों श्रेणियों में राज्य का आरक्षण नियम 6 लागू होगा।

हाई कोर्ट का फैसला: योग्यता सर्वोपरि, डोमिसाइल आधारित आरक्षण असंवैधानिक

डॉ. समृद्धि दुबे की याचिका पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा कि PG मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश का निर्धारण योग्यता (merit) के आधार पर होना चाहिए। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट लिखा कि ‘निवास’ के आधार पर उच्च शिक्षा विशेषकर विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने वाले PG पाठ्यक्रमों में आरक्षण देना संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ है। इस आधार पर छत्तीसगढ़ मेडिकल PG प्रवेश नियम, 2025 के नियम 11(ए) और 11(बी) को रद्द कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि निवास आधारित आरक्षण कई छात्रों के मौलिक अधिकारों का हनन करता है और यह ‘कानून के समक्ष समानता’ के सिद्धांत का उल्लंघन है। डिवीजन बेंच ने यह भी लिखा कि राज्य कोटे की सीटों में से 50 प्रतिशत संस्थागत आरक्षण को स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन डोमिसाइल आधारित अलग श्रेणी बनाकर सीटें भरना अस्वीकार्य है। फैसले के बाद राज्य सरकार ने काउंसलिंग प्रक्रिया को भी स्टे कर दिया था और नई व्यवस्था के मुताबिक संशोधन जारी कर दिया है।

Also Read –आठवीं में फेल स्टूडेंट ने 10 वीं की पढ़ाई पूरी कर ली, फर्जीवाड़ा सामने आया तो शिक्षा विभाग में मच गया हड़कंप

इस बदलाव के साथ, अब छत्तीसगढ़ में PG मेडिकल एडमिशन पूरी तरह योग्यता आधारित हो गया है। संस्थागत आरक्षण केवल MBBS करने की जगह पर आधारित होगा, न कि विद्यार्थी की जन्मस्थली पर। हाई कोर्ट के निर्णय और सरकारी संशोधन के बाद डॉ. समृद्धि दुबे सहित राज्य के अनेक छात्र अब अपने गृह राज्य में MD–MS कर सकेंगे।


Share on

Related Posts

CG High Court News: बगैर मान्यता, स्कूलों ने एडमिशन के लिए जारी किया विज्ञापन: नाराज हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव से शपथ पत्र के साथ मांगा जवाब।

Share on

Share onCG High Court News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में गजब हो रहा है। बिना मान्यता वाले स्कूल प्रबंधन द्वारा स्कूलों में एडमिशन के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जा रहा है। हाई


Share on
Read More

CG Transfer News: छत्तीसगढ़ बलरामपुर जिले में राजस्व विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। 58 पटवारियों का एक साथ तबादला आदेश जारी किया है।

Share on

Share onCG Transfer News: बलरामपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और राजस्व विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए एक


Share on
Read More

बड़ी खबर

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, सरकारी कर्मचारी को बिना विभागीय जांच के सेवा से बर्खास्त नहीं किया जा सकता। बर्खास्तगी से पहले विभागीय जांच का आदेश जारी करना और संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष का पर्याप्त अवसर देना होगा।

Read More »

About Civil India

© 2025 Civil India. All Rights Reserved. Unauthorized copying or reproduction is strictly prohibited

error: Content is protected by civil India news, Civil India has all rights to take legal actions !!